Prayagraj Triple Murder : प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों की नजर खून से लथपथ शवों पर पड़ी तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। मृतकों में एक बुजुर्ग पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। शुरुआती जांच में सिर पर किसी भारी हथियार से हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, हमलावर घर के भीतर घुसे और एक-एक कर तीनों लोगों को निशाना बनाया। वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव घर के आहाते से लेकर बाहर तक अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले। आसपास खून फैला हुआ था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि पीड़ितों ने बचने की कोशिश भी की थी।
Prayagraj Triple Murder
घटना के समय घर में चार लोग मौजूद बताए जा रहे हैं। इनमें करीब 60 वर्षीय एक महिला भी थीं, जो सुरक्षित मिलीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वारदात के दौरान वह कैसे सुरक्षित रहीं और उन्होंने क्या देखा या सुना। मंगलवार तड़के गांव के कुछ लोग रोजमर्रा के काम से बाहर निकले तो घर के पास दो महिलाओं को खून से लथपथ पड़ा देखा। पास पहुंचने पर श्यामलाल का शव भी नजर आया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए, जबकि ट्रैकर डॉग एक संदिग्ध के घर के पास जाकर रुक गया।
पुराना विवाद जांच के दायरे में
मृतक श्यामलाल अपने परिवार के सबसे बड़े भाई थे और गांव में ही छोटी किराने की दुकान चलाते थे। परिवार के अन्य सदस्य रोजी-रोटी के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रहते हैं। पुलिस अब परिवार से जुड़े पुराने विवादों और हाल के घटनाक्रमों को भी जांच का हिस्सा बना रही है, ताकि हत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सके। जांच में सामने आया है कि परिवार की एक युवती के गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध थे, जिसका घर के कई सदस्य विरोध करते थे। कुछ महीने पहले दोनों के घर छोड़कर चले जाने की घटना भी हुई थी, हालांकि बाद में वे वापस लौट आए थे। इसके बाद युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था और वह पिछले कई महीनों से वहीं रह रही थी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को भी गंभीरता से जोड़कर देख रही है।
कार्रवाई न होने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि पहले भी संबंधित युवक की ओर से धमकियां मिलने की शिकायत पुलिस को दी गई थी और ऑनलाइन पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित चौकी पर तैनात दरोगा रामविलास सिंह को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
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