TMC Political Crisis : पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा राजनीतिक संकट सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने वाले हैं। यह गुट खुद को “असली TMC” के रूप में मान्यता देने की मांग करेगा। इस घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। बागी गुट की प्रमुख सांसद सायोनी घोष और माला रॉय रविवार सुबह कोलकाता से दिल्ली रवाना हुईं। दिल्ली पहुंचने पर सायोनी घोष ने मीडिया से कोई स्पष्ट बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि वह सही समय पर ही अपनी बात रखेंगी। इससे राजनीतिक सस्पेंस और बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सायोनी घोष और माला रॉय को उनके पदों से हटा दिया है। सायोनी घोष यूथ विंग की अध्यक्ष थीं, जबकि माला रॉय महिला मोर्चा की प्रमुख थीं। उनकी जगह नए नेतृत्व की नियुक्ति भी की गई है।
TMC Political Crisis
जानकारी के अनुसार, TMC के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद अलग गुट में शामिल हो चुके हैं। इससे लोकसभा में पार्टी के पास अब केवल 8 सांसद बचे हैं। वहीं राज्यसभा में भी 13 में से 4 सांसदों ने इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ दी है, जिससे संगठन में गहरी दरार साफ दिखाई दे रही है। इसी बीच काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ ने ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने दावा किया कि बारासात सीट को लेकर उनसे या उनकी मां से कभी कोई टिकट मांग नहीं की गई थी, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
चुनाव के बाद शुरू हुई बगावत
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव परिणाम आने के महज 14 दिन बाद ही पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा था। 18 मई को बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अलग गुट की मान्यता की मांग की थी। उस पत्र में यूसुफ पठान, सायोनी घोष, काकोली घोष और शताब्दी रॉय जैसे नाम शामिल थे। दलबदल कानून की 10वीं अनुसूची के अनुसार, किसी भी अलग गुट को तभी मान्यता मिल सकती है जब उसके पास पार्टी के कम से कम दो-तिहाई सांसद या विधायक हों। मौजूदा स्थिति में TMC के बागी गुट के पास यह संख्या पूरी होती दिख रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
देखें लिस्ट
| लोकसभा सीट | सांसद | लोकसभा सीट | सांसद |
|---|---|---|---|
| बारासात | काकोली घोष दस्तीदार | घाटाल | दीपक अधिकारी (देव) |
| कूचबिहार | जगदीश चंद्र बसुनिया | झाड़ग्राम | कालीपद सोरेन |
| जांगीपुर | खलीलुर रहमान | मेदिनीपुर | जून मालिया |
| बहरामपुर | यूसुफ पठान | बांकुड़ा | अरूप चक्रवर्ती |
| मुर्शिदाबाद | अबू ताहेर खान | बर्धमान पूर्व | डॉ. शर्मिला सरकार |
| बैरकपुर | पार्थ भौमिक | हावड़ा | प्रसून बंधोपाध्याय |
| मथुरापुर | बापी हलदार | बोलपुर | असित कुमार माल |
| जादवपुर | सायोनी घोष | बीरभूम | शताब्दी रॉय |
| कोलकाता दक्षिण | माला रॉय | हुगली | रचना बनर्जी |
| आरामबाग | मिताली बाग |
सियासी संकट की समानता
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह स्थिति महाराष्ट्र की शिवसेना टूट की याद दिलाती है, जहां बड़े पैमाने पर विधायकों के अलग होने के बाद सत्ता संतुलन बदल गया था। अब सभी की नजर लोकसभा स्पीकर के फैसले पर टिकी है, जो इस विवाद की दिशा तय करेगा।
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