RTE Admission News Lucknow : लखनऊ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने में गंभीर लापरवाही सामने आई है। शहर के कई नामी-गिरामी स्कूलों पर आरोप है कि वे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और चयनित बच्चों को समय पर दाखिला नहीं दे रहे हैं। इस मामले ने अब प्रशासनिक स्तर पर सख्ती का रूप ले लिया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), बाल गाइड स्कूल, सेंट मेरी स्कूल और LPS समेत करीब 35 निजी विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक RTE के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है।
पहले यह संख्या 90 से अधिक थी, लेकिन विभाग की लगातार कार्रवाई और दबाव के बाद 60 से ज्यादा स्कूलों ने बच्चों को दाखिला दे दिया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्कूल अभी भी आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) विमल कुमार ने बताया कि सभी संबंधित स्कूलों को कई बार नोटिस और बैठक के माध्यम से निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अंतिम चेतावनी के बाद भी स्कूल प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग अब इन स्कूलों के जवाबों की समीक्षा आगामी बैठक में करेगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बच्चों की पढ़ाई पर असर
दाखिले में हो रही देरी का सबसे ज्यादा असर चयनित बच्चों और उनके अभिभावकों पर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि वे लगातार स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। इस देरी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका शैक्षणिक सत्र भी नुकसान में जा रहा है। शिक्षा विभाग ने दोहराया है कि RTE अधिनियम के तहत पात्र बच्चों के अधिकारों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। सभी निजी स्कूलों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है और जो संस्थान ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





