Gorakhpur News : गोरखपुर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत लाभार्थियों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों या जनसेवा केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए इसे मोबाइल आधारित सेवा में बदल दिया है। इस नई व्यवस्था के बाद पात्र नागरिक अपने स्मार्टफोन की मदद से घर बैठे आसानी से आयुष्मान कार्ड बना सकेंगे। अब तक आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोगों को सेंटरों पर जाकर लंबा इंतजार करना पड़ता था।
कई बार दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी करने के लिए बार-बार चक्कर लगाने की मजबूरी रहती थी। लेकिन नई डिजिटल प्रणाली से यह परेशानी खत्म हो जाएगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के हजारों परिवारों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। समय की बचत के साथ प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है।
Gorakhpur में बनाना हुआ आसान
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लाभार्थियों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के माध्यम से पहचान सत्यापन पूरा किया जाएगा। इसके बाद ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए लाभार्थी की जानकारी प्रमाणित की जाएगी और कार्ड जनरेट किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत, लाभार्थी को अपने स्मार्टफोन में Ayushman App डाउनलोड करना होगा। ऐप खोलकर बेनेफिशियरी विकल्प चुनने के बाद मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा।
OTP दर्ज करने के बाद राज्य और जिला चुनकर अपनी जानकारी खोजनी होगी। नाम मिलने पर ई-केवाईसी विकल्प पर क्लिक कर आधार OTP या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए सत्यापन पूरा किया जाएगा। प्रक्रिया सफल होने के बाद आयुष्मान कार्ड तैयार हो जाएगा, जिसे PDF फॉर्मेट में डाउनलोड भी किया जा सकेगा।
आसान पहुंच का बड़ा कदम
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एके सिंह के अनुसार यह डिजिटल सुविधा योजना को और अधिक प्रभावी बनाएगी। उनका कहना है कि सरल ऑनलाइन प्रक्रिया से अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना से जुड़ सकेंगे। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज की सुविधा मिलेगी और सरकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ व्यापक स्तर तक पहुंच पाएगा। नई व्यवस्था को स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Read More : Kanpur में 15 दिन बाद भी वेबसाइट बहाल नहीं, 50 लाख लोगों के डेटा पर मंडरा रहा खतरा




