Barabanki Road Accident : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। फतेहपुर-भनौली मार्ग पर ग्राम झांसा के पास सड़क किनारे सो रहे एक परिवार को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे में परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि महिला गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम झांसा निवासी नीरज चौहान अपनी पत्नी आरती चौहान और तीन बच्चों के साथ घर के बाहर सड़क किनारे सो रहे थे। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण परिवार खुले में मच्छरदानी लगाकर रात गुजार रहा था।
Barabanki में दर्दनाक हादसा
इसी दौरान सुबह करीब तीन3 बजे महमूदाबाद की तरफ से तेज गति से आ रहा डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे परिवार के ऊपर चढ़ गया। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर पहुंचते ही लोगों के होश उड़ गए। नीरज चौहान और उनके बड़े बेटे अनुराग की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। परिवार के बाकी सदस्य गंभीर रूप से घायल हालत में तड़प रहे थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
घटना के बाद घायल आरती चौहान, बेटे आशू और बेटी अंशिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में परिवार के चार सदस्यों की मौत हो चुकी है, जबकि मां आरती जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं।
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर आंख नम दिखाई दी। गांव वालों का कहना है कि नीरज मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक रात में पूरा परिवार इस तरह उजड़ जाएगा।
मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही हादसे की वजह मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से खतरा बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने सड़क किनारे सुरक्षा इंतजाम और वाहनों की गति पर नियंत्रण की मांग की है।





