कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
आरोपियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC-ST एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत पर्याप्त सबूत मिले हैं।
Nashik Conversion Case: SIT जांच में मिले डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के आदेश पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई थी।जांच के दौरान पुलिस ने 17 गवाहों के बयान दर्ज किए। साथ ही पीड़िता और आरोपियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट भी चार्जशीट में शामिल की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच में जबरन धर्मांतरण और धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़े तकनीकी और डिजिटल सबूत मिले हैं।
Nashik Conversion Case: नाम बदलने के लिए लिए गए थे दस्तावेज
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पीड़िता का नाम बदलने के उद्देश्य से उसके मूल दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे। जांच के दौरान पुलिस ने ये दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं।
TCS कर्मचारियों से जुड़े 9 मामले दर्ज
नासिक की बहुराष्ट्रीय कंपनी Tata Consultancy Services में काम करने वाली महिलाओं से जुड़े इस पूरे मामले में अब तक देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस थानों में कुल 9 केस दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप शामिल हैं।
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