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तमिलनाडु में AIADMK में बड़ी टूट AIADMK गुट ने CM विजय की TVK सरकार को दिया समर्थन

AIADMK Split:
AIADMK Split:

AIADMK Split: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam यानी AIADMK अब दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता C. V. Shanmugam ने मंगलवार को मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। दावा किया जा रहा है कि उनके साथ करीब 30 विधायक भी विजय सरकार के समर्थन में आ गए हैं।

“जनादेश विजय के लिए है, TVK के लिए नहीं”

C. V. Shanmugam ने कहा कि जनता ने जो जनादेश दिया है, वह सीधे विजय के नाम पर दिया गया है। उन्होंने कहा, “अगर हम DMK के साथ जाते तो AIADMK का अस्तित्व खत्म हो जाता। इसलिए हमने TVK सरकार को समर्थन देने का फैसला किया।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मंशा पार्टी तोड़ने की नहीं है और Edappadi K. Palaniswami अब भी उनके नेता हैं।

AIADMK Split: विधानसभा सत्र में दिखी थी दरार

AIADMK के भीतर मतभेद पहली बार तब खुलकर सामने आए, जब पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक विधानसभा के पहले सत्र में पहुंचे। 2026 विधानसभा चुनाव में AIADMK सिर्फ 47 सीटें जीत पाई थी। अब पार्टी में केवल एडप्पादी पलानीसामी गुट बचा है, जिसमें करीब 17 नेता बताए जा रहे हैं।

AIADMK Split: AIADMK में फूट की बड़ी वजहें

पार्टी के भीतर लंबे समय से नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा था। लगातार चुनावी हार और भाजपा के साथ रिश्तों में खटास ने संकट और गहरा कर दिया। बागी नेताओं का आरोप है कि Edappadi K. Palaniswami ने 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें दीं और पार्टी संगठन को मजबूत करने में विफल रहे। AIADMK के पूर्व नेता K. C. Palanisamy ने भी कहा कि पार्टी में साफ तौर पर फूट पड़ चुकी है और कई विधायक नेतृत्व परिवर्तन चाहते हैं।

VCK प्रमुख का बड़ा दावा

Thol. Thirumavalavan ने दावा किया कि DMK और AIADMK दोनों ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था ताकि TVK को सत्ता से दूर रखा जा सके, लेकिन उनकी पार्टी ने इसे ठुकरा दिया।

59 साल बाद टूटा DMK-AIADMK का वर्चस्व

C. Joseph Vijay ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 1967 के बाद यह पहली बार है जब Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार राज्य में बनी है। करीब 59 साल तक तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही, लेकिन अब TVK ने राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू कर दिया है।

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