Firozabad News : उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद जिले के पर्यटन विकास को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के विकास के लिए 24 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं पर करीब 33.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल से न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अनुसार इन परियोजनाओं के तहत प्रमुख मंदिरों, आश्रमों और अन्य धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही वहां मूलभूत सुविधाओं जैसे साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पहुंच मार्गों को बेहतर बनाया जाएगा।
Firozabad में पर्यटन को बढ़ावा
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, जिससे जिले में आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। योजना के तहत टुंडला और शिकोहाबाद क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल किया गया है। टुंडला के गोगा जी काली मंदिर पिपरौली के लिए 70 लाख रुपये, पसीने वाले हनुमान मंदिर के लिए 65 लाख रुपये और नगला केवल स्थित ब्रह्मदेव शिव व बजरंगबली मंदिर के लिए 120 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा आबगंगा मंदिर के विकास के लिए भी राशि तय की गई है। इन परियोजनाओं से इन क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सिरसागंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा निवेश
इस योजना में सिरसागंज क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जहां सबसे अधिक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। यहां प्राचीन पथवारी माता मंदिर, हनुमान मंदिर, जायनई माता मंदिर और रामकृष्ण धाम जैसे स्थलों के विकास के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा अंबेडकर पार्क और वेद उपवन पार्क जैसे स्थानों को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सके। परियोजनाओं में कई प्रमुख आश्रम और धार्मिक महत्व के स्थल भी शामिल हैं। कुदरिया वाले महाराज आश्रम और रामकंठ आश्रम के विकास के लिए अलग-अलग एक-एक करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, अकबरपुर में स्थित नीमकरौरी बाबा की जन्मस्थली पर भी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन कार्यों से आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीण और इको टूरिज्म पर भी जोर
सरकार ने सिर्फ बड़े धार्मिक स्थलों तक ही योजना सीमित नहीं रखी है, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी इसमें शामिल किया गया है। करहरा और अकबरपुर जैसे गांवों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट तय किया गया है। साथ ही रपड़ी इको टूरिज्म क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इस योजना में समौर बाबा धाम करहरा के लिए सबसे बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जहां अवस्थापना सुविधाओं के लिए 1188 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा जसराना के बड़े जखैया महाराज मंदिर और शिकोहाबाद के शिववाटिका मंदिर में भी आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फिरोजाबाद जिले का पर्यटन नक्शा और मजबूत होने की उम्मीद है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय व्यापार और छोटे व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि हो सकती है। कुल मिलाकर यह पहल फिरोजाबाद को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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