8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को लेकर गठित 8वें वेतन आयोग ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। हाल के दिनों में आयोग की बैठकों और अधिकारियों की नियुक्तियों में बढ़ोतरी से यह संकेत मिल रहा है कि प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की दिशा में काम हो रहा है। आयोग विभिन्न शहरों में जाकर कर्मचारी संगठनों से सीधे संवाद कर रहा है।

इसी क्रम में Brijendra Navnit को आयोग में अतिरिक्त सचिव के रूप में शामिल किया गया है। उनकी नियुक्ति से आयोग की कार्यक्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब वेतन संरचना और संबंधित सिफारिशों को अंतिम रूप देने में उनकी भी अहम भूमिका होगी।
8th Pay Commission
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत आने वाले विभाग ने इस नियुक्ति की जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा की है। आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने बृजेंद्र नवनीत को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अंतर्गत 8वें वेतन आयोग में अतिरिक्त सचिव के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी।
4 साल का कार्यकाल तय
नवनीत इस पद पर अधिकतम चार वर्षों तक कार्य करेंगे या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो। वर्तमान में वे तमिलनाडु सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं। केंद्र में उनकी यह नई जिम्मेदारी नीति निर्माण के स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है। 1999 बैच के आईएएस अधिकारी बृजेंद्र नवनीत को प्रशासन, वित्त और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं, जिससे आयोग को उनके अनुभव का सीधा लाभ मिल सकता है।
#8CPC में बतौर एडिशनल सेक्रेटरी IAS श्री बृजेंद्र नवनीत जी की पोस्टिंग हुई है। आयोग लगातार अपने काम में तेजी ला रहा है। संभव है इससे आयोग का काम जल्द से जल्द पूर्ण होगा और लाखों पेंशनर्स और कर्मचारियों को जल्द से जल्द बेहतर और वाजिब हक मिलेगा। श्री नवनीत जी को नवीन दायित्व के लिए… pic.twitter.com/isNJ7dq8iZ
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) May 2, 2026
अपने सेवा काल में नवनीत प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक के रूप में भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने नीति समन्वय में योगदान दिया। इसके अलावा वे विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत का पक्ष रखा।
कर्मचारी संगठनों से लगातार संवाद
आयोग अब तक Dehradun और Delhi में बैठकें कर चुका है। इन बैठकों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें रखी हैं, जिनमें वेतन वृद्धि, भत्तों में संशोधन और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। लगातार बैठकों और नई नियुक्तियों के बीच यह उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग तय समय में अपनी सिफारिशें तैयार कर सरकार को सौंप देगा। कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आयोग की रिपोर्ट में उनके हितों को किस हद तक शामिल किया जाता है।
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