Labor Pride Ceremony 2026 : लखनऊ स्थित Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी कई अहम योजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का शिलान्यास किया। इन केंद्रों के बनने से श्रमिकों को एक ही स्थान पर जरूरी सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे उनकी रोजमर्रा की दिक्कतें कम होंगी।
Labor Pride Ceremony 2026
समारोह में ईएसआईसी अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के लिए भूमि आवंटन पत्र भी सौंपा गया। करीब 7.2 एकड़ जमीन पर बनने वाला 300 बेड का यह अस्पताल श्रमिकों और उनके परिवारों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर काफी बेहतर होगा। मुख्यमंत्री ने जेवर में सीएम कंपोजिट विद्यालय के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इस स्कूल के बनने से स्थानीय बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा का अंतर कम किया जाए।
मेधावी छात्रों और शिक्षकों का सम्मान
समारोह के दौरान अटल आवासीय विद्यालयों के होनहार छात्रों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। सीबीएसई के 10वीं के पहले बैच में 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों को विशेष सराहना मिली। इस उपलब्धि के लिए प्रधानाचार्यों को मंच पर सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करते हुए उन्हें टैबलेट भी दिए गए। छात्राओं में वाराणसी की श्वेता, आजमगढ़ की अंशिका यादव, बस्ती की सृष्टि गुप्ता, लखनऊ की रीत मौर्या और अयोध्या की अभिलाषा को सम्मान मिला। वहीं छात्रों में संगम यादव, हर्ष कुशवाहा, हर्षित, गणेश कुमार और उदय प्रताप को उनकी उपलब्धियों के लिए सराहा गया।
हम लोगों ने प्रदेश के अंदर 18 कमिश्नरी में एक-एक अटल आवासीय विद्यालय बनाए हैं… pic.twitter.com/9bIQ30HIxW
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 1, 2026
श्रमिकों के योगदान को मिला सम्मान
समारोह में श्रमिकों के योगदान को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में मेहनत करने वाले श्रमिकों को प्रमाण पत्र और टूलकिट देकर सम्मानित किया गया। मुन्नालाल, पंचम, आकाश, प्यारी और सरस्वती जैसे श्रमिकों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के विकास में श्रमिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें बेहतर जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि श्रमिकों को उनका हक और सम्मान मिल सके।
Read More : Highway Trip: सूरत में शुरू हुआ पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम





