Strait of Hormuz : मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सुर्खियों में बना हुआ है। जहां एक ओर इस अहम समुद्री मार्ग से तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही प्रभावित बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर एक लग्जरी सुपरयॉट के गुजरने की खबर ने सबका ध्यान खींच लिया है। यह घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि रूसी उद्योगपति एलेक्सी मोर्दाशोव की सुपरयॉट हाल ही में इस क्षेत्र से गुजरी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को उनकी यॉट ने बिना किसी बाधा के इस मार्ग को पार किया, जबकि आम जहाजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसने सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Strait of Hormuz
मोर्दाशोव की इस आलीशान यॉट का नाम Nord सुपरयॉट है, जिसकी कीमत करीब 500 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4721 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 142 मीटर लंबी इस यॉट को मशहूर डिजाइनर Nuvolari Lenard ने डिजाइन किया है और इसे जर्मन शिपबिल्डर Lürssen ने 2021 में तैयार किया था। ‘Nord’ सिर्फ एक यॉट नहीं, बल्कि तैरता हुआ महल है। इसमें छह डेक, दो हेलीकॉप्टर पैड, रिट्रैक्टेबल हैंगर, बड़ा स्विमिंग पूल, बीच क्लब और निजी सिनेमा जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा इसमें एक खास डाइविंग सेंटर और गैराज भी है, जिसमें पनडुब्बी, जेट स्की और कई लग्जरी गाड़ियां रखी जा सकती हैं।
कौन हैं एलेक्सी मोर्दाशोव?
एलेक्सी मोर्दाशोव रूस के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं। वे सेवरस्टल के चेयरमैन और मुख्य शेयरहोल्डर हैं। फोर्ब्स के अनुसार, वे दुनिया के शीर्ष अमीरों में शामिल हैं और उनकी कुल संपत्ति करीब 36.9 बिलियन डॉलर आंकी गई है। मोर्दाशोव का सफर काफी दिलचस्प रहा है। उनके माता-पिता मिल वर्कर थे, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और रणनीति से कारोबारी दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक स्टील प्लांट में नौकरी शुरू की और बाद में उसी कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाते हुए खुद को शीर्ष पर पहुंचा दिया।
सीईओ बनने के बाद बढ़ाया कारोबार
1996 में कंपनी के सीईओ बनने के बाद मोर्दाशोव ने अपने कारोबार का तेजी से विस्तार किया। उन्होंने स्टील, कोयला और खनन क्षेत्रों में कई कंपनियों का अधिग्रहण कर ‘सेवरस्टल’ को एक बड़ा औद्योगिक समूह बना दिया। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेश बढ़ाया। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय संघ ने उन पर प्रतिबंध लगाए, जिससे उनकी संपत्ति में गिरावट आई। हालांकि, इसके बाद के वर्षों में उनकी दौलत फिर से बढ़ी और अब वे फिर से वैश्विक अरबपतियों की सूची में मजबूत स्थिति में हैं।
होर्मुज जैसे संवेदनशील इलाके से इस तरह एक लग्जरी यॉट का गुजरना कई सवाल खड़े करता है। जहां आम जहाजों को जोखिम और पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था और समुद्री नियंत्रण को लेकर नई बहस छेड़ रही हैं।
Read More : Bengal Elections में कांग्रेस अकेली, आईएनडीआईए साथी दूर





