AI : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने एक AI से तैयार की गई तस्वीर शेयर की है, जिसमें उन्हें यीशु मसीह गले लगाते हुए दिखाया गया है। तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए ट्रंप ने अपने विरोधियों पर निशाना साधा।
उन्होंने लिखा कि यह पोस्ट “लेफ्ट लुनैटिक्स” को पसंद नहीं आएगा। उनके इस बयान को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि इससे पहले भी वह अपने विरोधियों पर इसी तरह की तीखी भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं।
AI फोटो को लेकर फिर विवादों में ट्रंप
AI से बनाई गई इस तस्वीर को लेकर विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि इसमें धार्मिक भावनाओं से जुड़ा पहलू सामने आया। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की तस्वीरें आस्था का अपमान कर सकती हैं। वहीं कुछ लोग इसे तकनीक और अभिव्यक्ति की आजादी के नजरिए से देख रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप इस तरह के विवाद में फंसे हैं। इससे पहले भी उन्होंने एक और AI तस्वीर शेयर की थी, जिसमें धार्मिक संदर्भ होने के कारण उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। लगातार ऐसे पोस्ट सामने आने से यह मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
ट्रंप के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूजर्स की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ लोगों ने इसे अनुचित और भड़काऊ बताया, जबकि उनके समर्थकों ने इसे सामान्य राजनीतिक अभिव्यक्ति करार दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इस तरह के विवाद भी बढ़ रहे हैं। खासकर जब धार्मिक या संवेदनशील विषयों को इसमें शामिल किया जाता है, तो इसका असर ज्यादा गहरा होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी और संतुलन बेहद जरूरी माना जाता है।
राजनीति और तकनीक का मेल
यह मामला दिखाता है कि अब राजनीति और तकनीक का मेल किस तरह नई चुनौतियां पैदा कर रहा है। AI के जरिए बनाई गई तस्वीरें तेजी से वायरल होती हैं और उनका असर भी बड़ा होता है, जिससे विवाद और भी तेजी से फैलते हैं। ट्रंप की इस AI तस्वीर ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की आजादी और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच बहस को हवा दे दी है। आने वाले समय में ऐसे मामलों को लेकर नियम और सख्ती बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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