Vikat Sankashti Chaturthi:- विकट संकष्टी चतुर्थी हर महीने कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है इस दिन भगवान गणेश की पूजा आराधना की जाती है। इस दिन चंद्रमा को अर्थ देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा आराधना करने और व्रत रखने से कैरियर में आ रही सभी बडो से छुटकारा मिल जाता है। इसको प्रसन्न करना बहुत ही आसान होता है। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए उनके कुछ मंत्रों का जाप करना होता है जिसके बाद वह प्रसन्न होकर आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
कब मनाई जाएगी विकट संकष्टी चतुर्थी?
इस महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस महीने या चतुर्थी 5 अप्रैल को पड़ रही है इस दिन भगवान गणेश की पूजा आराधना की जाती है और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा आराधना करने से करियर से जुड़ी सभी बाधाए दूर होती है। इस दिन अगर आप भगवान गणेश के इन मंत्रों का जाप करते हैं तो यह आपके लिए बहुत शुभ होता है और भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।
गणेश जी के मंत्र
1. गणेश एकाक्षरी मंत्र – गं॥
2. गणेश षडाक्षर मंत्र – ॐ वक्रतुण्डाय हुम्॥
3. गणेश अष्टाक्षर मंत्र – ॐ गं गणपतये नमः॥
4. क्षिप्र प्रसाद गणपति मंत्र – गं क्षिप्रप्रसादनाय नमः॥
5. ऋणहर्ता गणपति मंत्र – ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्॥
6. हेरम्ब गणपति मंत्र –
ॐ नमो हेरम्ब मदमोहित
मम सङ्कटान् निवारय निवारय स्वाहा॥
7. वक्रतुण्ड गणेश मंत्र –
श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
8. गणेश शुभ-लाभ मंत्र –
ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये।
वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः॥
9. गणेश गायत्री मंत्र –
ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि,
तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
10. श्री महागणपति मूल मंत्र –
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये
वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥
11. हरिद्रा गणपति मंत्र –
ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपतये वर वरद
सर्व जन हृदयं स्तम्भय-स्तम्भय स्वाहा॥
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