Interesting Facts : आमतौर पर नेशनल हाईवे का नाम आते ही दिमाग में लंबी-चौड़ी सड़कों की तस्वीर बनती है, जो सैकड़ों किलोमीटर तक फैली होती हैं। लेकिन भारत में कुछ ऐसे भी नेशनल हाईवे हैं, जिनकी लंबाई इतनी कम है कि आप उन्हें कुछ ही मिनटों में पार कर सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि इन सड़कों को केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर नेशनल हाईवे का दर्जा दिया हुआ है।
भारत में दो ऐसे नेशनल हाईवे हैं, जो देश के सबसे छोटे हाईवे माने जाते हैं। इनमें NH-118 और NH-548 शामिल हैं। इन दोनों की लंबाई सिर्फ करीब 5 किलोमीटर है। अगर आप कार या बाइक से चलें, तो इन्हें पार करने में 5 मिनट से भी कम समय लगता है। लंबाई भले कम हो, लेकिन इनकी उपयोगिता काफी अहम मानी जाती है।
Interesting Facts
NH-118 झारखंड में स्थित है और यह जमशेदपुर को असनबनी से जोड़ता है। यह सड़क छोटी जरूर है, लेकिन एक बड़े औद्योगिक शहर को आसपास के इलाकों से जोड़ने का काम करती है। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। साथ ही, स्थानीय व्यापार और ट्रांसपोर्ट के लिए भी यह सड़क काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। दूसरा छोटा हाईवे NH-548 महाराष्ट्र में स्थित है। यह सड़क कलांबोली सर्कल को NH-348 जंक्शन से जोड़ती है। पहले इसे NH-32 के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नंबर बदल दिया गया। यह छोटा सा लिंक रोड क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है और ट्रैफिक को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
छोटा सफर
इन हाईवे की लंबाई भले ही कम हो, लेकिन इनका महत्व किसी बड़े हाईवे से कम नहीं है। ये सड़कें रोजमर्रा के ट्रैफिक को सुचारु बनाती हैं और शहरों व इंडस्ट्रियल एरिया के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करती हैं। इसके अलावा, आपातकालीन सेवाओं के लिए भी ये रास्ते काफी मददगार साबित होते हैं। ऐसे छोटे हाईवे यह साबित करते हैं कि सड़क की लंबाई नहीं, बल्कि उसकी उपयोगिता ज्यादा मायने रखती है। ये छोटे-छोटे रास्ते ही बड़े शहरों और उद्योगों को जोड़कर देश की आर्थिक रफ्तार को आगे बढ़ाते हैं। यही वजह है कि इन्हें भी नेशनल हाईवे का दर्जा दिया गया है।
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