Home » बिजनेस » World की पहली बस सेवा, 364 साल पहले हुई थी शुरू; एक गणितज्ञ ने रखी थी नींव

World की पहली बस सेवा, 364 साल पहले हुई थी शुरू; एक गणितज्ञ ने रखी थी नींव

World First Bus Service
World First Bus Service

World First Bus Service : आज सड़कों पर दौड़ती बसें हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुकी हैं। ऑफिस जाना हो, स्कूल या कहीं और—पब्लिक बसें सफर को आसान और सस्ता बनाती हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया की पहली सार्वजनिक बस सेवा सैकड़ों साल पहले शुरू हुई थी और इसके पीछे एक गणितज्ञ का दिमाग था।

दुनिया की पहली पब्लिक बस सेवा 18 मार्च 1662 को फ्रांस की राजधानी Paris में शुरू हुई थी। इसकी शुरुआत मशहूर गणितज्ञ Blaise Pascal ने की थी। यह अपने समय का एक अनोखा प्रयोग था, जिसने लोगों को सामूहिक यात्रा का नया विकल्प दिया।

World First Bus Service

उस दौर में न तो डीजल इंजन थे और न ही इलेक्ट्रिक बसें। ये गाड़ियां घोड़ों द्वारा खींची जाती थीं। इनमें एक साथ 6 से 8 लोग बैठ सकते थे और ये शहर के तय रूट पर चलती थीं। यह सिस्टम आज की बस सेवाओं जैसा ही था, जहां एक तय रास्ते और किराए पर यात्रा होती है। ब्लेज पास्कल का मानना था कि अगर शहर में तय रूट पर चलने वाली गाड़ियां हों, तो लोगों का सफर आसान और सस्ता हो सकता है। उन्होंने इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए कुछ अमीर निवेशकों को तैयार किया और एक संगठित सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू की।

राजा से मिली मंजूरी

इस सेवा को शुरू करने के लिए पास्कल को शाही अनुमति की जरूरत थी। उस समय फ्रांस के राजा Louis XIV ने इस योजना को मंजूरी दी। इस बस सेवा का नाम रखा गया ‘कारोस आ सैंक सू’, जिसका मतलब था पांच सिक्कों में यात्रा। यह तय किराए वाली सेवा उस समय के लिए बिल्कुल नई थी। शुरुआत में यह सेवा लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। लेकिन उस समय की सामाजिक व्यवस्था इसके रास्ते में बड़ी बाधा बन गई। आम किसान और सैनिकों को इन गाड़ियों में सफर करने की अनुमति नहीं थी, जिससे इसका दायरा सीमित रह गया।

कुछ सालों में बंद हुई सेवा

सीमित लोगों तक ही सेवा पहुंचने और अपने समय से आगे होने के कारण यह बस सेवा ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और कुछ सालों बाद बंद हो गई। हालांकि, यह प्रयोग इतिहास में दर्ज हो गया। भले ही यह सेवा ज्यादा दिन नहीं चली, लेकिन इसने आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की नींव रखी। आज जो बस सिस्टम हम देखते हैं, उसकी शुरुआत इसी छोटे लेकिन क्रांतिकारी प्रयोग से हुई थी।

Read More : Kerala में शशि थरूर के काफिले पर हमला, 1 गिरफ्तार

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?