Gucci : आज Gucci का नाम सुनते ही महंगे बैग, स्टाइल और अमीरी की दुनिया आंखों के सामने आ जाती है। यह ब्रांड आज दुनिया के सबसे बड़े लग्जरी फैशन ब्रांड्स में गिना जाता है। लेकिन इसकी शुरुआत बेहद साधारण हालात से हुई थी, जिसे जानकर कोई भी हैरान रह जाएगा। इस ब्रांड की नींव रखने वाले Guccio Gucci का जन्म 26 मार्च 1881 को इटली के फ्लोरेंस शहर में हुआ था। उनका बचपन आर्थिक तंगी में बीता। बेहतर जिंदगी की तलाश में उन्होंने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया और लंदन का रुख किया, जहां उन्होंने छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाया।
लंदन में गुच्चियो को एक बड़े होटल में पोर्टर की नौकरी मिली। यहां रोज अमीर लोग, राजघराने के सदस्य और बड़े कारोबारी आते-जाते थे। उनके रहन-सहन और लग्जरी लाइफस्टाइल को देखकर गुच्चियो के मन में एक सपना जन्मा ऐसा ब्रांड बनाने का, जो अमीरों की पहचान बन सके।
‘Gucci’ गरीबी से लग्जरी ब्रांड
कई सालों तक अनुभव लेने के बाद गुच्चियो अपने शहर फ्लोरेंस लौटे। साल 1921 में उन्होंने अपनी बचत से ‘Gucci’ ब्रांड की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने लेदर बैग, सूटकेस और घुड़सवारी से जुड़े सामान बनाना शुरू किया। उनका फोकस सिर्फ बेहतरीन क्वालिटी और शानदार कारीगरी पर था। जब द्वितीय विश्व युद्ध का समय आया, तो इटली में लेदर की भारी कमी हो गई। यह समय उनके बिजनेस के लिए चुनौती भरा था। लेकिन गुच्चियो ने हार नहीं मानी। उन्होंने नए तरीके अपनाए और लेदर की जगह कैनवास और बांस का इस्तेमाल शुरू किया।
बांस के बैग ने दिलाई पहचान
इसी मुश्किल दौर में उन्होंने बांस से बने बैग लॉन्च किए, जो आगे चलकर ब्रांड की पहचान बन गए। ‘बैंबू बैग’ आज भी Gucci के सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट्स में गिना जाता है। यह दिखाता है कि मुश्किल हालात में भी नई सोच सफलता दिला सकती है। गुच्चियो गुची का निधन 2 जनवरी 1953 को हो गया, लेकिन उनके बनाए ब्रांड ने रुकना नहीं सीखा। आज Gucci पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। उनकी कहानी यह सिखाती है कि मेहनत, सोच और हिम्मत के दम पर कोई भी इंसान शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है।
Read More : Earthquake: हिंद महासागर में 4.2 तीव्रता का आया भूकंप, नुकसान या सुनामी की चेतावनी नहीं!




