Central Govt : केंद्र सरकार ने लोगों से साफ तौर पर अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लेकर घबराहट में खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हाल के हालात को देखते हुए यह सलाह दी गई है ताकि अनावश्यक भीड़ और अफरा-तफरी से बचा जा सके। सरकार ने यह भी माना है कि Strait of Hormuz में आई रुकावट का असर वैश्विक सप्लाई पर पड़ सकता है।
इसके बावजूद, भारत में ईंधन की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
Central Govt का भरोसा
Ministry of Petroleum and Natural Gas ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की सप्लाई सुचारु रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है और गैस की उपलब्धता को संतुलित करने के लिए वितरण प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। इससे आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार ने घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी सिलेंडर और पाइप से मिलने वाली गैस यानी पीएनजी को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर भरवाने के बीच का अंतराल बढ़ाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गैस की सप्लाई पहुंचाई जा सके और किसी भी तरह की कमी न हो।
Prices of Commercial LPG cylinders, used by industries and hotels, are deregulated, market determined and revised normally on a monthly basis. Their consumption is less than 10% of the total LPG consumed in the country.
April 1 price increase in Commercial cylinder price is due…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 1, 2026
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने साफ किया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए देशभर में सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,700 से ज्यादा छापेमारी की जा चुकी है, जिससे कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। कार्रवाई के तहत एलपीजी वितरकों को करीब 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 27 डीलरशिप को निलंबित भी किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्ती जारी रहेगी, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
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