Europe News : तेलंगाना की जांच एजेंसी EAGLE ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फ्रांस और बेल्जियम जैसे यूरोपीय देशों के कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल कर भारत में कोकीन की तस्करी कर रहा था। इस मामले की जांच करीब दो साल से चल रही थी, जिसके बाद अब कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट पूरे देश में फैला हुआ था। हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और गोवा जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ गाजियाबाद, लुधियाना, जालंधर, वलसाड और बेलगावी जैसे शहर भी इसके दायरे में थे। यह नेटवर्क अलग-अलग शहरों में लोगों के जरिए ड्रग्स की सप्लाई करता था, जिससे इसका फैलाव काफी बड़ा हो गया था।
मामले में 2024 में गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिक Iwala Udoka Stanley को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। जांच में पता चला कि वह नीदरलैंड में बैठे अपने संपर्कों से कोकीन और नशीली गोलियां मंगवाता था।
Europe से भारत तक फैला ड्रग्स नेटवर्क
इसके बाद ये खेप फ्रांस और बेल्जियम के रास्ते भारत भेजी जाती थी, जो इस तरह के मामलों में काफी अलग तरीका माना जा रहा है। पंजागुट्टा पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर स्टेनली फिलहाल जमानत पर बाहर है और मुकदमे का सामना कर रहा है। इस केस में अब तक 22 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 6 को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, कई आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
कैसे काम करता था पूरा रैकेट
जांच में सामने आया कि पुणे के एक कोरियोग्राफर सौरभ को लालच देकर इस नेटवर्क में शामिल किया गया था। उसका काम विदेश से आने वाले पार्सल लेना और उन्हें गोवा व अन्य शहरों में पहुंचाना था। हर खेप में करीब 3 किलो कोकीन होती थी और उसके घर पर ऐसी कई डिलीवरी हुई थीं। बदले में उसे 30 से 80 हजार रुपये तक मिलते थे। पुलिस के मुताबिक, स्टेनली इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी था, जो सप्लाई और डिलीवरी दोनों को संभालता था। वह नाइजीरिया में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में रहता था और पूरे भारत में करीब 500 ग्राहकों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी। इस काम में टैक्सी ड्राइवरों तक को शामिल किया गया था, जिससे नेटवर्क और भी मजबूत हो गया था।
Read More : Maharashtra में नेताओं की कथित कॉल डिटेल पर विवाद तेज





