India : संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि Syed Akbaruddin ने साफ कहा है कि भारत को अमेरिका के इशारों पर चलने वाला देश बताना गलत है। उन्होंने इस तरह के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि भारत अपनी विदेश नीति खुद तय करता है और किसी एक देश के प्रभाव में नहीं रहता। Syed Akbaruddin ने अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि भारत इस पहल में शामिल नहीं हुआ, क्योंकि यह कोई मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है। यह फैसला दिखाता है कि भारत हर कदम सोच-समझकर उठाता है, न कि किसी दबाव में।
‘India किसी के दबाव में नहीं’
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका नहीं चाहता था कि भारत ईरान से बातचीत करे, खासकर जहाजों के संचालन को लेकर। इसके बावजूद भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता दी और ईरान से संवाद जारी रखा। इससे साफ है कि भारत अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है। Syed Akbaruddin ने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भी भारत ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिका चाहता था कि भारत संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के दौरान परहेज न करे, लेकिन भारत ने अपनी स्वतंत्र नीति के तहत अलग रुख अपनाया।
भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता आया है। देश किसी भी वैश्विक मुद्दे पर अपने हितों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की अलग पहचान बनी हुई है। अकबरुद्दीन के मुताबिक, आज भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर देश के रूप में उभर रहा है, जो किसी भी वैश्विक दबाव में नहीं आता। उन्होंने कहा कि भारत की यही स्वतंत्र सोच उसे दुनिया के अन्य देशों से अलग बनाती है और आने वाले समय में उसकी भूमिका और मजबूत होगी।
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