Nitish Kumar : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar को लेकर गृह विभाग की अधिसूचना सामने आई है, जिसमें संकेत दिए गए हैं कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाएंगे। इस फैसले ने राज्य की सियासत में नई चर्चा शुरू कर दी है और आगे के राजनीतिक समीकरणों पर भी नजरें टिक गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं।
इसके बाद 13 अप्रैल को उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन तारीखों को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।
Nitish Kumar का बड़ा फैसला
इससे पहले 30 मार्च को नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। करीब 20 साल तक परिषद के सदस्य रहने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। माना जा रहा है कि यह फैसला राज्यसभा जाने की तैयारी का हिस्सा था, जिससे अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती नजर आ रही है। गृह विभाग ने नीतीश कुमार को Z+ श्रेणी की सुरक्षा देने का भी निर्णय लिया है। खास बात यह है कि यह सुरक्षा उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी मिलती रहेगी। सरकार ने यह कदम उनकी राजनीतिक अहमियत और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
कानून के तहत लिया गया निर्णय
सरकार ने यह फैसला बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत लिया है। इस कानून के तहत ऐसे लोगों को सुरक्षा दी जाती है, जिनकी सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन किया जाता है। समीक्षा के बाद गृह विभाग ने नीतीश कुमार को इस श्रेणी के लिए उपयुक्त माना है। गृह विभाग की ओर से जारी पत्र में पुलिस महानिदेशक को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता लेंगे। साथ ही उन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या होती है Z+ सिक्योरिटी
Z+ सिक्योरिटी देश की सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणियों में गिनी जाती है। इसमें NSG, CRPF और CISF के कमांडो तैनात किए जाते हैं। यह सुरक्षा उन नेताओं और खास व्यक्तियों को दी जाती है, जिनकी जान को गंभीर खतरा माना जाता है।
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