Indian Navy : भारतीय नौसेना को सोमवार को तीन नए आधुनिक युद्धपोत मिले, जिससे उसकी ताकत और बढ़ गई है। ये सभी पोत स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए हैं, जो देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नौसेना में शामिल किए गए इन पोतों में एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘दुनागिरी’, सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ और पनडुब्बी रोधी उथले जलयान ‘अग्रय’ शामिल हैं। तीनों पोत अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार किए गए हैं।
इन युद्धपोतों का निर्माण Garden Reach Shipbuilders & Engineers Limited ने किया है। यह भारत के रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। इससे घरेलू रक्षा उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
Indian Navy
‘दुनागिरी’ को सबसे उन्नत युद्धपोतों में गिना जा रहा है। यह 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी है। इसमें अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम और सेंसर लगे हैं, जो दुश्मन के हमलों से बचाव और जवाबी कार्रवाई दोनों में सक्षम हैं। इस फ्रिगेट में BrahMos missile जैसी ताकतवर मिसाइल प्रणाली लगी है। यह समुद्र और जमीन दोनों पर सटीक हमला कर सकती है। इसके अलावा इसमें आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली भी मौजूद है।
#IOS_SAGAR26#OneOceanOneMission
Maritime Partnerships Grows Stronger as We Train Together
The crew of #IOS_SAGAR26 demonstrated seamless integration and spirited teamwork during a spectacular ‘Day at Sea’ for international delegates of #IONS Maritime Exercise (IMEX) TTX 26. A… pic.twitter.com/83I4oppWOB
— Southern Naval Command (@IN_HQSNC) March 29, 2026
समुद्री सर्वेक्षण में सक्षम
‘संशोधक’ एक सर्वेक्षण पोत है, जो समुद्री क्षेत्रों की मैपिंग और रिसर्च के लिए इस्तेमाल होगा। करीब 3,400 टन वजनी और 110 मीटर लंबा यह जहाज आधुनिक उपकरणों से लैस है, जिससे समुद्री जानकारी जुटाना आसान होगा। ‘अग्रय’ पनडुब्बी रोधी उथले जलयान है, जो समुद्र के नीचे छिपे खतरों का पता लगाने में सक्षम है। यह टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है और निगरानी व हमले दोनों तरह के मिशन कर सकता है।
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