Donald Trump : मध्य पूर्व में जारी टकराव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज जरूर हुए हैं, लेकिन हालात अभी भी काबू में आते नजर नहीं आ रहे। Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का ऐलान किया है। इसे तनाव कम करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है, लेकिन जमीन पर स्थिति इससे अलग कहानी बयां कर रही है, जहां हमले और जवाबी कार्रवाई लगातार जारी हैं। ताजा घटनाक्रम में Israel ने दावा किया है कि Iran की ओर से एक बार फिर मिसाइलें दागी गई हैं।
इसके बाद इजरायली सेना ने देशभर में आपात चेतावनी जारी कर दी। सेना का कहना है कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो चुका है और आने वाली मिसाइलों को हवा में ही रोकने की कोशिश की जा रही है। कई इलाकों में सायरन बजने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
Donald Trump ने हमलों पर लगाया 5 दिन का ब्रेक
इस तनावपूर्ण माहौल में Kuwait ने भी खुद पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की बात कही है। कुवैती सेना के मुताबिक उनकी एयर डिफेंस यूनिट लगातार सक्रिय है और हमलों का जवाब दे रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। कुछ ही समय में दो बार अलर्ट जारी होने से क्षेत्र में डर और अनिश्चितता और बढ़ गई है।
दूसरी ओर Iran की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि देश के अहम ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह दो अलग-अलग ऊर्जा स्थलों पर हवाई हमले हुए। इससे पहले ही वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ था और अब इन हमलों ने स्थिति को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बना दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Strait of Hormuz का मुद्दा भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। ट्रंप ने ईरान को इसे दोबारा खोलने के लिए अतिरिक्त समय दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही कुछ समय के लिए हमलों पर रोक की बात हो रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे।
लगातार हो रहे हमले, जवाबी कार्रवाई और चेतावनियां इस बात का इशारा कर रही हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा जटिल हो सकती है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
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