Rath Yatra : ओडिशा में होने वाली विश्व प्रसिद्ध Rath Yatra से पहले साइबर ठगी का खतरा तेजी से बढ़ गया है। खासतौर पर Puri आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार कुछ गिरोह नकली होटल बुकिंग वेबसाइट तैयार कर लोगों से एडवांस भुगतान के नाम पर पैसे ठग रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य पुलिस और क्राइम ब्रांच ने हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बीते वर्ष लगभग 500 लोग इस तरह की फर्जी बुकिंग ठगी का शिकार बने थे।
Odisha Crime Branch ने जांच के दौरान 24 नकली वेबसाइटों को बंद कराया था। लेकिन इसके बावजूद साइबर ठगों ने अपना तरीका बदलते हुए दोबारा जाल फैलाना शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार पिछले छह महीनों में ही करीब 340 होटलों की वेबसाइट की क्लोन कॉपी बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है।
Rath Yatra से पहले फर्जी होटल बुकिंग
जांच में सामने आया है कि ठग असली होटल की तरह दिखने वाली वेबसाइट तैयार करते हैं। इन साइट्स पर होटल की तस्वीरें, लोकेशन, रिव्यू और आकर्षक ऑफर भी दिखाए जाते हैं, जिससे लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं। कम कीमत और विशेष छूट का लालच देकर ग्राहकों से ऑनलाइन एडवांस भुगतान कराया जाता है। जैसे ही पैसे ट्रांसफर होते हैं, वेबसाइट बंद कर दी जाती है या फोन नंबर बंद कर दिया जाता है।
बड़े होटलों के नाम का गलत इस्तेमाल
पुलिस ने बताया कि कई मामलों में नामी होटलों और रेस्टोरेंट्स के नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है। इंटरनेट मीडिया और सर्च इंजन पर फर्जी लिंक भी बड़ी संख्या में फैलाए जा रहे हैं। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि वे स्थानीय व्यवस्था से पूरी तरह परिचित नहीं होते। राज्य के पुलिस महानिदेशक Y. B. Khurania ने कहा कि रथ यात्रा के मद्देनजर साइबर निगरानी तेज कर दी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि होटल बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट या भरोसेमंद ट्रैवल ऐप के जरिए ही करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऑफर से दूर रहने की सलाह दी गई है।
सैकड़ों फर्जी वेबसाइटों पर कार्रवाई
क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने होटल मालिकों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान शुरू किया है। साइबर सेल के एसपी Smita Parmar के अनुसार 340 से अधिक फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि बुकिंग से पहले होटल का पता गूगल मैप पर जांचें, सुरक्षित पेमेंट गेटवे का उपयोग करें और भुगतान की रसीद जरूर सुरक्षित रखें। यदि किसी को साइबर ठगी का सामना करना पड़े तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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