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LPG संकट गहराया, कई शहरों में होटल-रेस्तरां पर ताले का खतरा; सप्लाई रुकने से बढ़ी चिंता

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LPG : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब भारत के कारोबार और आम जिंदगी पर भी दिखने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई अचानक कम होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासतौर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक में स्थिति ज्यादा गंभीर होती जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कई खाने-पीने के प्रतिष्ठानों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ सकता है।

संकट का सबसे बड़ा असर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में देखने को मिला है। यहां गैस की कमी के कारण कई होटल और रेस्तरां ने कामकाज रोकने का फैसला लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में गैस की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

LPG संकट गहराया

वहीं, मुंबई में भी कई छोटे-बड़े फूड आउटलेट गैस की व्यवस्था करने के लिए जूझ रहे हैं। होटल मालिकों का कहना है कि रविवार से कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जबकि घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी भी तय समय से काफी देर से मिल रही है। इस बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को देखते हुए एलपीजी कंपनियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के मुताबिक फिलहाल 19 किलो, 47.5 किलो और 425 किलो के व्यावसायिक सिलेंडरों की रिफिलिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है, ताकि घरों में खाना बनाने के लिए गैस की कमी न हो।

पुणे में गैस श्मशान घाट भी बंद

गैस संकट का असर सिर्फ होटल उद्योग तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के पुणे में गैस आधारित श्मशान घाटों को भी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे एलपीजी घटकों की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।

एलपीजी की उपलब्धता को संतुलित रखने के लिए तेल कंपनियों ने नियमों को भी कड़ा कर दिया है। अब उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के करीब 21 से 25 दिन बाद ही नया घरेलू सिलेंडर बुक कर पाएंगे। साथ ही जमाखोरी और गलत तरीके से सिलेंडर बेचने से रोकने के लिए डिलीवरी के समय ओटीपी या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया जा रहा है।

कई राज्यों में सप्लाई पर असर

एलपीजी संकट का असर देश के कई राज्यों में देखा जा रहा है। पंजाब में तेल कंपनियों ने 8 मार्च से नॉन-डोमेस्टिक सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी है। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में भी व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है। यहां पैकेजिंग, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे कई उद्योग एलपीजी पर निर्भर हैं।

यूपी और झारखंड में भी बढ़ी परेशानी

उत्तर प्रदेश के कई शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कानपुर में लोग कई दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच कुछ जगहों पर कालाबाजारी भी शुरू हो गई है, जहां सिलेंडर 1400 से 1500 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं। झारखंड के झुमरीतिलैया में भी नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को 25 दिन के बाद ही अगला सिलेंडर मिल पाएगा।

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