Pakistani Asif Merchant Accused : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका में एक गंभीर आपराधिक मुकदमा सुर्खियों में आ गया है। 47 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक Asif Merchant पर आरोप है कि उसने अमेरिका के शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश रची। अमेरिकी अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह योजना राष्ट्रपति चुनाव से पहले लागू करने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में पूर्व और वर्तमान अमेरिकी नेताओं के नाम सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार Asif Merchant अप्रैल 2024 में अमेरिका पहुंचा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ की व्यवस्था करने की कोशिश की।
Pakistani शख्स का सनसनीखेज खुलासा
इसके लिए उसने ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वह पेशेवर हत्यारों तक पहुंच रखने वाला समझता था। लेकिन बाद में यही संपर्क उसके लिए जाल साबित हुआ। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति से मर्चेंट ने संपर्क किया था, वह अमेरिकी जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation का मुखबिर निकला। पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली गई। अदालत में बताया गया कि मर्चेंट ने दो लोगों को 5,000 डॉलर अग्रिम के तौर पर दिए थे, जिन्हें वह सुपारी किलर समझ रहा था। हालांकि बाद में खुलासा हुआ कि वे दोनों एजेंट एफबीआई के अंडरकवर अधिकारी थे। इस तरह जांच एजेंसी ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
किन नेताओं को बनाया गया निशाना
अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक साजिश का निशाना अमेरिका के कई बड़े नेता थे। इनमें मौजूदा राष्ट्रपति Donald Trump, पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden और पूर्व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार Nikki Haley का नाम शामिल बताया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मर्चेंट ने इन नेताओं के खिलाफ योजना तैयार करने के लिए लोगों की तलाश की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत में पेशी के दौरान Asif Merchant ने दावा किया कि वह इस साजिश में स्वेच्छा से शामिल नहीं होना चाहता था। उसका कहना था कि उसे ईरान में रह रहे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर डर था। आरोपी के मुताबिक परिस्थितियों के दबाव में उसे इस योजना में शामिल होना पड़ा।
सुलेमानी की मौत से जोड़ा जा रहा मामला
अमेरिकी न्याय विभाग का मानना है कि यह साजिश ईरान के सैन्य कमांडर Qasem Soleimani की हत्या का बदला लेने से जुड़ी हो सकती है। सुलेमानी की मौत के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। जांच एजेंसियां इस मामले में ईरान के प्रभाव और कथित नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल, अमेरिकी अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मान रही हैं।
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