Kiren Rijiju : केंद्र सरकार का बजट पेश होते ही संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीति गरमा गई है। बजट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना के बाद अब सरकार की ओर से तीखा जवाब सामने आया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए एक पोस्ट साझा की, जिसने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया। उनके इस कदम को कांग्रेस पर परोक्ष लेकिन तीखा वार माना जा रहा है।
किरेन रिजिजू ने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की एक पोस्ट को री-शेयर किया। यह पोस्ट भारत की आर्थिक स्थिति और भविष्य की ग्रोथ से जुड़ी थी। रिजिजू ने इसी पोस्ट के जरिए राहुल गांधी को संदेश देते हुए कहा कि सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश की छवि को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।
Kiren Rijiju ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
अपने पोस्ट में रिजिजू ने साफ शब्दों में लिखा कि वह आमतौर पर उन बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते जो भारतीयों ने नहीं दिए हों। लेकिन इस बार उन्होंने एलन मस्क के हवाले से बात इसलिए रखी, ताकि राहुल गांधी यह समझें कि आलोचना और बदनामी में फर्क होता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की उपलब्धियों को कमतर आंकना देश के हित में नहीं है। जिस पोस्ट को एलन मस्क ने साझा किया था, उसमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों का जिक्र था।
I normally do not react to statements which are not made by Indians. I’m quoting @elonmusk only to sensitise Rahul Gandhi ji that, while criticizing the govt is a democratic right, do not disparage India & never belittle India’s achievement. Be a proud Indian. #ViksitBharat pic.twitter.com/b19NPMrkNY
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) February 1, 2026
इस सूची के मुताबिक 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 17 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं चीन की ग्रोथ 26.6 फीसदी और अमेरिका की 9.9 फीसदी बताई गई है। इस तुलना को लेकर सरकार समर्थक इसे भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत बता रहे हैं।
बजट पर तीखी टिप्पणी
दरअसल, यह पूरा विवाद राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने बजट को आम लोगों की समस्याओं से कटा हुआ बताया था। राहुल गांधी ने बेरोजगारी, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कमजोरी, निवेशकों के पूंजी निकालने और किसानों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा था कि सरकार ने इन अहम मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया है।
केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हमें इस बात पर भी चर्चा करनी चाहिए कि लोकसभा में स्पीकर के फैसले को न मानने वाले सदस्य के साथ क्या किया जाना चाहिए,” जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चीन का बिना लिस्ट वाला मुद्दा उठाते रहे और सदन के नियमों के खिलाफ जाकर एक… pic.twitter.com/kknkjwPCVw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
बदलती आर्थिक बहस
बजट जैसे आर्थिक दस्तावेज पर बहस अब आंकड़ों और नीतियों से निकलकर राष्ट्रवाद और छवि के सवाल तक पहुंच गई है। एक तरफ विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी ओर सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती ताकत को गिनाकर अपनी बात रख रही है।
बजट के बाद की यह सियासी तकरार भारत में आर्थिक मुद्दे भी अब राजनीतिक पहचान से जुड़ चुके हैं। विपक्ष का काम सरकार की कमियों को उजागर करना है, वहीं सत्ता पक्ष उपलब्धियों को सामने रखकर जवाब देता है। एलन मस्क जैसे वैश्विक नाम का हवाला इस बहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि चर्चा रोजगार, महंगाई और विकास पर टिकती है या फिर सोशल मीडिया की बयानबाजी तक सिमट जाती है।
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