Shashi Tharoor : कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान की चर्चाओं के बीच तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से संसद भवन में मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक को पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को सुलझाने की एक गंभीर कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात थरूर के आग्रह पर हुई, ताकि वे नेतृत्व के सामने अपनी राय और चिंताएं खुलकर रख सकें। ऐसे में यह बैठक संगठनात्मक एकजुटता के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व आगामी चुनावों से पहले पार्टी के भीतर उठ रही असंतोष की आवाजों को शांत करने के लिए सक्रिय है। थरूर से जुड़ा विवाद केवल व्यक्तिगत मतभेद का मामला नहीं, बल्कि यह पार्टी की विचारधारा, रणनीति और सार्वजनिक छवि से भी जुड़ता दिख रहा है।
Shashi Tharoor ने मल्लिकार्जुन खरगे से संसद में की मुलाकात
पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं। थरूर ने उस समय प्रधानमंत्री के संकट प्रबंधन की खुले तौर पर सराहना की थी, जिसे पार्टी के कई नेताओं ने कांग्रेस लाइन से अलग रुख माना। यही वह मोड़ था, जहां से रिश्तों में तल्खी और सार्वजनिक बयानबाजी तेज होती चली गई।
पीएम की तारीफ
इसके बाद के महीनों में थरूर के कुछ बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट ने विवाद को और हवा दी। नवंबर में एक निजी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के भाषण की तारीफ करते हुए थरूर ने उसे आर्थिक सोच और सांस्कृतिक बदलाव की प्रेरणा बताया। इस पर कांग्रेस के कई नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उनके रुख पर सवाल खड़े किए, जिससे अंदरूनी असहजता और गहरी हो गई।
Thanks to @INCIndia President @kharge ji and LS LoP @RahulGandhi ji for a warm and constructive discussion today on a wide range of subjects. We are all on the same page as we move forward in the service of the people of India. pic.twitter.com/T5l8jqkhUT
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) January 29, 2026
फैमिली पॉलिटिक्स
नवंबर में ही ‘इंडियन पॉलिटिक्स आर ए फैमिली बिजनेस’ शीर्षक से लिखे गए एक लेख ने विवाद को और बढ़ा दिया। इस लेख में परिवार-आधारित राजनीति पर की गई आलोचना को कांग्रेस नेतृत्व ने अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी पर हमला माना। इससे यह धारणा बनी कि थरूर पार्टी की मूल सोच से अलग सार्वजनिक नैरेटिव गढ़ रहे हैं। फिलहाल, यह मुलाकात कांग्रेस के भीतर चल रही बेचैनी और संभावित सुलह दोनों का संकेत दे रही है।
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