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Rahul Gandhi का G-RAM-G योजना पर सवाल, भाजपा का तीखा पलटवार; मनरेगा पर सियासी घमासान

Rahul Gandhi
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Rahul Gandhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लाई जा रही G-RAM-G गारंटी योजना को लेकर सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस नई स्कीम का विरोध करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें इस कानून के नाम और स्वरूप की भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। राहुल गांधी के इस बयान ने केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

दिल्ली स्थित जवाहर भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को गरीबों के लिए अहम बताया।

Rahul Gandhi का सवाल

इस दौरान उन्होंने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब नागरिकों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया है, जिसे मौजूदा सरकार कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि सरकार गरीबों से जुड़े कल्याणकारी कानूनों को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह किसानों ने संगठित होकर कृषि कानूनों को वापस कराने में सफलता पाई, उसी तरह मनरेगा को बचाने के लिए भी जनता को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष और आम नागरिक साथ खड़े हुए, तो सरकार को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।

खरगे का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम और उनकी विचारधारा को सार्वजनिक स्मृति से हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नई योजनाएं गांधीवादी मूल्यों से दूर हैं और मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून को कमजोर करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने साफ किया है कि आगामी बजट सत्र में यह मुद्दा संसद में जोर-शोर से उठाया जाएगा।

भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी और खरगे के बयानों पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियां उनकी हिंदू विरोधी सोच को उजागर करती हैं। भाजपा प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए योजनाओं को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है और जनता को गुमराह कर रही है। मनरेगा और G-RAM-G योजना को लेकर राज्यों में भी सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मनरेगा के समर्थन में प्रस्ताव लाने के संकेत मिले हैं। विपक्ष इन राज्यों के जरिए केंद्र पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

कर्नाटक विधानसभा में हंगामा

इसी मुद्दे के बीच कर्नाटक विधानसभा में राजनीतिक टकराव देखने को मिला, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सरकार द्वारा तैयार भाषण पढ़ने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि भाषण में G-RAM-G योजना की आलोचना की गई थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। मनरेगा और उससे जुड़ी नई योजना राष्ट्रीय राजनीति का एक बड़ा केंद्र बनती जा रही है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार और विपक्ष के बीच और तीखी बहस होने की संभावना है।

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