Shattila Ekadashi 2026:- हिंदू धर्म में कई एकादशियां आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि माघ महीने के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी बहुत ही खास होती है। षटतिला एकादशी हिंदू धर्म में बहुत ही खास होती है। इसका एक खास महत्व है इसे शास्त्रों में बहुत ही फलदाई एकादशी माना गया है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करना और इस दौरान तिल का उपयोग करना बहुत ही खास माना जाता है, यह बहुत ही फलदाई साबित होती है। इस एकादशी के बारे में विस्तार से बताते है।
षटतीला एकादशी कब मनाई जाएगी?
षटतीला एकादशी हर साल जनवरी महीने की 14 तारीख को मनाई जाती है। इस साल षटतीला एकादशी पर अगर आप विष्णु भगवान की पूजा के साथ तिल का उपयोग करते हैं। स्नान, उबटन, तर्पण, हवन, दान, पारण में अगर आप इस तिल का इस्तेमाल कर लेते हैं, तो यह बहुत ही फलदाई साबित होता है। इससे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
षटतीला एकादशी का महत्व
षटतीला एकादशी का बहुत ही खास महत्व है। हिंदू धर्म में इस एकादशी को बहुत ही खास और फलदाई माना जाता है। इस एकादशी पर अगर आप दान-पुण्य करते हैं। इस दौरान खास तौर पर अन्न का दान करें। ऐसा करने पर आपका जीवन धन-धान्य से भर जाता है। इस एकादशी पर अन्न और तिल का दान बहुत ही फलदाई माना जाता है।
षटतीला एकादशी की पूजा कैसे करें?
षटतीला एकादशी पर आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होता है। सबसे पहले सुबह उठकर नहा ली। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने जल लेकर व्रत का संकल्प ले ले। अब भगवान विष्णु को प्रिया फूल और तुलसी दल और दीप धूप अर्पित करें। इसके अलावा भगवान विष्णु को तिल से बनी मिठाई का भोग लगाए। इस दिन भगवान विष्णु के मंत्र का जाप करें और इस दिन रात्रि भर जागरण करें। जागरण के दौरान भगवान विष्णु के नाम का जाप करें।
Read More:- उत्तराखंड के गुराड़ी में शॉर्ट सर्किट से लगी भयानक आग, आग में पशुओं की जलकर मौत, 3 घर हुए खाक





