UP SIR Draft Voter List 2026 : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत सोमवार को पहली ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई। इस सूची ने राज्य की चुनावी व्यवस्था की एक अहम तस्वीर सामने रखी है। जांच में 25 लाख से अधिक ऐसे मतदाताओं के नाम चिह्नित किए गए हैं, जो एक से ज्यादा स्थानों पर दर्ज पाए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने जानकारी दी कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 55 लाख से अधिक आंकी गई है।
प्रशासन ने आम मतदाताओं को राहत देते हुए साफ किया है कि ड्राफ्ट सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी को सुधारने का पूरा मौका दिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति का नाम गलत दर्ज है, छूट गया है या अनावश्यक रूप से शामिल है, तो वह एक महीने के भीतर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करा सकता है। इसके लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी तक का समय तय किया गया है।
UP: दावे और आपत्तियों की तय समयसीमा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की विधिवत जांच की जाएगी। अंतिम सूची में कोई भी त्रुटि न रहे। अधिकारियों का मानना है कि समयबद्ध प्रक्रिया से आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह दुरुस्त हो सकेगी और विवाद की गुंजाइश कम होगी। एसआईआर के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया है। जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिला है, उन्हें अब चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। इन लोगों से पहचान और पात्रता से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे, ताकि सूची में उनका नाम वैध रूप से शामिल किया जा सके या जरूरत पड़ने पर हटाया जा सके।
अंतिम सूची कब होगी जारी?
चुनाव आयोग के मुताबिक, दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च को किया जाएगा। इसके बाद वही सूची आगामी चुनावों में इस्तेमाल होगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत है। अधिकारियों का कहना है कि साफ-सुथरी मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद होती है और एसआईआर उसी लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश है।
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