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छत्तीसगढ़ के पीएम-उषा मद में वित्तीय नियमों के उल्लंघन के दोषी प्रिंसिपल और चार सहायक प्राध्यापक निलंबित

Chhattisgarh News:- छत्तीसगढ़ से एक बड़ा मामला सामने आया है। मामला यह है कि छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने महासमुंद जिला के शासकीय महाविद्यालय लोहराकोट के प्रिंसिपल और पिथौरा के चार सहायक प्राध्यापकों को सामग्री से जुड़े गंभीर आर्थिक अनियमित के मामले में कार्यवाही के बाद निलंबित कर दिया गया है।

इस गड़बड़ी और वित्तीय नियमों के उल्लंघन के दोषी पाने के बाद में इन लोगों को निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक यहां के प्रिंसिपल डॉक्टर से तिवारी पर पीएम-उषा मद के तहत आवंटित राशि में हेरफेर करने और कई वित्तीय नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। जिसके चलते इन्हें निलंबित किया गया है।

इन नियमों का किया उल्लंघन

पीएम-उषा मद में मिलने वाली राशि के तहत मिड-डे के दौरान जैन पोर्टल के जरिए से किए हुए करे में छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 एवं संशोधित 2025 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया और प्रारंभिक जांच में यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 के उल्लंघन के दायरे में मिला है। जिसके चलते इन लोगों को निलंबित किया गया है।

प्रिंसिपल और सहायक प्राध्यापक हुए निलंबित

नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए गए सहायक प्राध्याय को में डॉक्टर सीमा अग्रवाल, डॉक्टर बृहस्पतु सिंह विशाल, पीठी ठाकुर एवं डॉक्टर से दीवान यह सभी शासकीय महाविद्यालय पिथौरा में इस गड़बड़ में शामिल रहे। इन पर कार्रवाई की जाएगी इस कार्यवाही के तहत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1996 के नियम 9 के तहत की गई है। इस कार्रवाई के बाद इन्हें निलंबित कर दिया गया।

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