MP News : पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के श्यामपुर और सीहोर तहसील में दो वृहद सिंचाई योजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। इन परियोजनाओं के लागू होते ही क्षेत्र के 111 गांवों के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दिल्ली से आई तकनीकी टीम मृदा परीक्षण के लिए सैंपल एकत्र कर चुकी है। इन जांचों के आधार पर आगे के निर्माण कार्य की रूपरेखा तय होगी। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद काम की रफ्तार और बढ़ेगी।
पार्वती नदी पर श्यामपुर के पास और ग्राम कराडिया भील क्षेत्र में दो बड़े बैराज बनाए जाएंगे, जिन्हें श्यामपुर बैराज और करारिया बैराज नाम दिया गया है। इसके अलावा, ग्राम जेटला में एक बड़े बांध का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें नदी से पानी उठाकर संग्रहित किया जाएगा।
MP की पहली योजना
बता दें कि इन योजनाओं के जरिए सीहोर विधानसभा क्षेत्र की करीब 1 लाख 18 हजार 750 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जानकारों के मुताबिक, यह अब तक की सबसे बड़ी सिंचाई मंजूरी है, जिससे किसानों में नई उम्मीद जगी है। पहली योजना जेठला वृहद माइक्रो सिंचाई परियोजना है, जिसके तहत श्यामपुर तहसील के 71 गांवों की लगभग 72 हजार 500 एकड़ भूमि को आधुनिक स्प्रिंकलर प्रणाली से सींचा जाएगा। 1349.51 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में हर हेक्टेयर के लिए अलग जल कनेक्शन होगा, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और उत्पादन बढ़ेगा।
MP की दूसरी योजना
वहीं, दूसरी योजना पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स है। इसके तहत दो वृहद बैराजों के जरिए 40 गांवों की करीब 46 हजार 250 एकड़ जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस परियोजना पर 1165.04 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजनाओं के साथ कुछ गांवों के डूब क्षेत्र में आने की संभावना भी सामने आई है। अलग-अलग बैराजों से कुल करीब 20 गांव प्रभावित हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरवरी तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी और नियमानुसार पुनर्वास व मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी।
मेरे लिए यह गर्व और सौभाग्य की बात है कि मेरी विधानसभा के 111 गांवों के किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए दो बैराज और एक बांध को मंजूरी मिली है। जैसे ही ये योजनाएं जमीन पर उतरेंगी, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, किसानों की आमदनी मजबूत होगी और पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी- सुदेश राय, विधायक, सीहोर
फरवरी तक स्थिति स्पष्ट
पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के तहत श्यामपुर और सीहोर तहसील में दो वृहद सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनके पूरा होने पर 111 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों की स्थिति फरवरी तक स्पष्ट होगी। मृदा परीक्षण के लिए दिल्ली से आई तकनीकी टीम सैंपल लेकर जा चुकी है- शुभम अग्रवाल, ईई जल संसाधन विभाग, सीहोर
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