US-Iran : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच 21 अप्रैल की सीजफायर डेडलाइन तेजी से करीब आ रही है। ऐसे में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। छह हफ्तों से जारी टकराव को खत्म करने के लिए अब एक आखिरी कोशिश की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि अगर इस बार भी बात नहीं बनी तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं। शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक चली लंबी बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
इस बैठक से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। बातचीत टूटने के बाद दोनों पक्षों के बीच दूरी साफ नजर आई। हालांकि, संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
US-Iran सीजफायर
अब खबर है कि डेडलाइन खत्म होने से पहले एक बार फिर अमेरिका और ईरान आमने-सामने बैठ सकते हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई वार्ता को लेकर दोनों पक्षों में अंदरखाने चर्चा जारी है। कुछ सूत्रों का कहना है कि दोनों देश इस पर सहमत भी हो चुके हैं और जल्द तारीख तय की जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि वह फिर से सीधे बातचीत शुरू करने के पक्ष में हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब ईरान उनकी शर्तों को मानने की इच्छा दिखाएगा।
यहां होगी अगली बैठक!
रिपोर्ट्स के अनुसार, अगली वार्ता इस्लामाबाद या जिनेवा में हो सकती है। हालांकि, अभी तक अंतिम स्थान तय नहीं हुआ है। राजनयिक स्तर पर कोशिशें जारी हैं कि किसी तटस्थ जगह पर बैठक हो, जहां दोनों पक्ष खुलकर अपनी बात रख सकें और समझौते का रास्ता निकले। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी बातचीत को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद वार्ता के दौरान कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अब आगे बढ़ने के लिए ईरान को ठोस कदम उठाने होंगे। वेंस ने यह भी माना कि बातचीत पूरी तरह विफल नहीं रही और उम्मीद अभी बाकी है।
मतभेद अब भी गहरे
दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा को लेकर है। अमेरिका जहां ईरान पर सख्त नियंत्रण चाहता है, वहीं तेहरान अपनी संप्रभुता से समझौता करने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि अब तक कोई ठोस समझौता सामने नहीं आ पाया है। इसी बीच ट्रंप ने दावा किया है कि दूसरी तरफ से संपर्क किया गया है और समझौते की इच्छा जताई गई है। इस बयान के बाद कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि दोनों पक्ष पूरी तरह टकराव से बचना चाहते हैं और किसी बीच के रास्ते की तलाश में हैं।
अब सबकी नजर संभावित नई वार्ता पर टिकी है। अगर यह बैठक सफल होती है तो न सिर्फ सीजफायर बच सकता है, बल्कि लंबे समय के लिए तनाव भी कम हो सकता है। लेकिन अगर बातचीत फिर विफल रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल, दोनों देश आखिरी मौके को भुनाने की कोशिश में जुटे हैं।
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