UP Monsoon Session 2026 : उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल गर्म नजर आया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ता विरोध के प्रतीक के रूप में दानपेटी में चिल्लर भरकर विधानसभा पहुंचे, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखते हुए सदन की कार्यवाही में सकारात्मक सहयोग देने की अपील की।
UP Monsoon Session 2026
सत्र के पहले दिन विधानसभा में देश के सबसे वरिष्ठ समाजवादी पार्टी विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। सदन ने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि विधान परिषद की कार्यवाही सोमवार को जारी रहेगी। चार दिवसीय मानसून सत्र के 6 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाने की तैयारी में है। पिछले सत्र के बाद राज्य सरकार नौ अध्यादेश जारी कर चुकी है। अब इन्हीं अध्यादेशों की जगह प्रतिस्थानी विधेयक सदन में पेश किए जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ नए विधेयकों को भी इस सत्र में लाए जाने की संभावना है।
सरकार पर साधा निशाना
सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायक लाल बिहारी यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट के गठन से ही उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े लोगों का वर्चस्व रहा है। उनके अनुसार ट्रस्ट के गठन के बाद से ही भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं।
उप्र की विधानसभा: आरंभ ही प्रचंड है! pic.twitter.com/SoWjOf57Hc
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 3, 2026
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए लिखा, “आरंभ ही प्रचंड है।” उनके इस बयान को विपक्ष के आक्रामक रुख का संकेत माना जा रहा है।
पहले दिन शोक प्रस्ताव
सत्र के पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही आजमगढ़ के निजामाबाद से समाजवादी पार्टी विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव से शुरू होगी। श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने के बाद उसे सदन में पेश किया जाएगा। इसके साथ अन्य विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे।
बजट पर चर्चा के बाद सत्र होगा समाप्त
बुधवार और गुरुवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा के साथ विभिन्न विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चार दिवसीय मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। इस बार के मानसून सत्र की एक विशेष बात यह भी रहेगी कि विधानसभा में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण गायन कराया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन में संयमित, मर्यादित और गरिमापूर्ण भाषा के इस्तेमाल की भी अपील की। मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कानून-व्यवस्था, भर्ती, शिक्षा, धार्मिक मामलों और विकास परियोजनाओं सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
वहीं सरकार भी अपने विधायी एजेंडे और अनुपूरक बजट के साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए पूरी रणनीति के साथ सदन में उतरेगी। ऐसे में अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं।
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