UP Gold Market : उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और व्यापारिक केंद्रों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इन्हीं में से एक है राज्य का सर्राफा कारोबार, जिसकी पहचान सिर्फ आभूषणों तक सीमित नहीं बल्कि सोना-चांदी के बड़े थोक व्यापार से भी जुड़ी है। अगर बात उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बुलियन यानी सर्राफा बाजार की करें तो मेरठ का नाम सबसे प्रमुख माना जाता है।
मेरठ का सर्राफा बाजार उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बुलियन बाजारों में गिना जाता है। यहां सोना-चांदी का थोक और खुदरा दोनों स्तर पर बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। बाजार की खासियत यह है कि यहां खरीदारी के लिए सिर्फ यूपी ही नहीं, बल्कि दिल्ली, राजस्थान और आसपास के कई राज्यों से भी व्यापारी पहुंचते हैं।
UP Gold Market
मेरठ में सोने-चांदी के आभूषणों के अलावा बुलियन, यानी गोल्ड और सिल्वर बार तथा बिस्कुट का भी बड़ा कारोबार होता है। इसी वजह से यह बाजार बड़े व्यापारियों और निवेशकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। मेरठ का सर्राफा बाजार अपने कुशल कारीगरों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां हाथ से तैयार की गई बारीक नक्काशी वाली ज्वेलरी की देशभर में मांग रहती है। बाजार में बंगाल के अनुभवी कारीगर भी काम करते हैं, जो पारंपरिक डिजाइन और कलात्मक आभूषण बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही आधुनिक मशीनों से तैयार ट्रेंडी और हल्के वजन वाले आभूषण भी यहां आसानी से मिल जाते हैं, जिन्हें कम कीमत और आकर्षक डिजाइनों के कारण ग्राहक खूब पसंद करते हैं।
कानपुर का सर्राफा बाजार
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सर्राफा बाजारों की बात हो और कानपुर का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। कानपुर का सर्राफा बाजार करीब 125 साल पुराना माना जाता है और इसे उत्तर भारत के पुराने एवं प्रतिष्ठित बाजारों में गिना जाता है। एक समय ऐसा था जब यहां से 300 से 400 किलोमीटर दूर तक व्यापारी सोना-चांदी खरीदने आते थे। इतना ही नहीं, नेपाल तक भी यहां से बड़े स्तर पर सोने-चांदी का कारोबार किया जाता था, जिससे इसकी व्यापारिक महत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शादी और त्योहारों में बढ़ जाती है रौनक
मेरठ और कानपुर दोनों सर्राफा बाजार शादी के सीजन और त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। बेहतर गुणवत्ता, पारंपरिक से लेकर आधुनिक डिजाइनों की उपलब्धता और बड़े व्यापारिक नेटवर्क की वजह से दोनों शहर आज भी उत्तर प्रदेश के सर्राफा कारोबार के सबसे अहम केंद्र माने जाते हैं। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में सोना-चांदी के बड़े बाजारों की चर्चा होते ही सबसे पहले मेरठ और कानपुर का नाम सामने आता है।
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