UP Govt : उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए योगी सरकार की नीतियां लगातार राहत लेकर आ रही हैं। प्रदेश सरकार ने बीते नौ वर्षों में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3,22,722 करोड़ रुपये का भुगतान कर नया इतिहास बनाया है। सरकार का दावा है कि यह भुगतान पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजा गया, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर गन्ना मूल्य भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था को तेजी से लागू किया है। ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के जरिए गन्ना सर्वे, क्षेत्रफल, सट्टा और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को गन्ना पर्ची मोबाइल फोन पर मिल रही है और भुगतान सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
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सरकार के मुताबिक पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 30,831.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यह कुल भुगतान का लगभग 90 प्रतिशत माना जा रहा है। बाकी बची चीनी मिलों को भी जल्द भुगतान पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में इस समय कुल 121 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। इनमें सरकारी, सहकारी और निजी क्षेत्र की मिलें शामिल हैं। इन मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में करीब 877.96 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश ने औसत चीनी परता यानी शुगर रिकवरी के मामले में भी दूसरे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
यूपी की औसत शुगर रिकवरी 10.21 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि महाराष्ट्र की 9.49 प्रतिशत और कर्नाटक की 8.19 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर प्रबंधन और नई तकनीकों के कारण यह सुधार देखने को मिला है।
किसानों को मिली बड़ी राहत
योगी सरकार ने इस पेराई सत्र में गन्ने की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। समय पर भुगतान और बढ़ी हुई कीमतों का सीधा फायदा प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को मिल रहा है।
अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बना गन्ना उद्योग
प्रदेश सरकार का मानना है कि गन्ना एवं चीनी उद्योग अब उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। इससे किसानों के साथ-साथ लाखों युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। सरकार का दावा है कि प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में गन्ना विकास विभाग की बड़ी भूमिका रहने वाली है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह समय पर भुगतान और तकनीकी सुविधाएं मिलती रहीं तो आने वाले वर्षों में यूपी का गन्ना उद्योग देश में और मजबूत स्थिति में पहुंच सकता है।
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