Vindhyachal Temple Rules : मिर्जापुर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब मंदिर के गर्भगृह में किसी भी व्यक्ति द्वारा फोटो खींचने, वीडियो बनाने या किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय मंदिर की धार्मिक गरिमा, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की निजता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार गर्भगृह और प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऑडियो रिकॉर्डिंग, लाइव स्ट्रीमिंग, वेबकास्टिंग या किसी भी प्रकार का डिजिटल प्रसारण पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।
Vindhyachal Temple Rules
इसके अलावा यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना अनुमति लाइव प्रसारण या रिकॉर्ड किए गए वीडियो का उपयोग भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, अभिलेखीकरण और आधिकारिक सूचना प्रसारण के उद्देश्य से केवल आरती के दौरान या सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति मिलने पर ही रिकॉर्डिंग की जा सकेगी। इसके लिए जिला सूचना अधिकारी, मंदिर प्रशासन द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि, श्री विंध्य पंडा समाज के नामित सदस्य या अधिकृत मीडिया प्रतिनिधि ही फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर सकेंगे।
सुरक्षा के मद्देनजर लिया फैसला
जिला प्रशासन के अनुसार हाल के दिनों में गर्भगृह के भीतर अनधिकृत रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर प्रसारण की घटनाएं बढ़ रही थीं। इससे मंदिर की आध्यात्मिक पवित्रता, श्रद्धालुओं की निजता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। श्री विंध्य पंडा समाज के अनुरोध, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और प्रशासनिक समीक्षा के बाद इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियां कराएंगी पालन
नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि क्षेत्राधिकारी नगर, विंध्याचल थाना पुलिस और मंदिर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी नए नियमों का कड़ाई से पालन कराएं। आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं की तलाशी, निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए दिशा-निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग न करें।
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