UNHRC : United Nations Human Rights Council के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में जवाब दिया। हाई-लेवल सेगमेंट के दौरान ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए भारतीय प्रतिनिधि Anupama Singh ने साफ कहा कि कश्मीर को लेकर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार अब पुराना हो चुका है। भारत ने आरोपों को न केवल खारिज किया बल्कि यह भी जताया कि सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश अब चलने वाली नहीं है।
भारत ने दोहराया कि Jammu and Kashmir भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। प्रतिनिधि ने कहा कि 1947 में हुआ विलय कानूनी प्रक्रिया के तहत और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप था। पाकिस्तान को नसीहत दी गई कि वह उन क्षेत्रों से अपना अवैध कब्जा हटाए, जिन पर वह दशकों से बैठा है।
UNHRC में भारत का दोटूक संदेश
साथ ही Organisation of Islamic Cooperation पर भी निशाना साधा गया और कहा गया कि किसी एक देश की आवाज़ को दोहराने वाला मंच बनना उसकी साख के अनुकूल नहीं है। भारत ने जम्मू-कश्मीर में हो रहे बुनियादी ढांचे के विस्तार का उदाहरण देते हुए Chenab Rail Bridge का जिक्र किया। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है, जिसका उद्घाटन 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया था। 359 मीटर ऊंचा यह पुल Eiffel Tower से भी ज्यादा ऊंचा है।
भारत ने तंज कसते हुए कहा कि अगर यह विकास ‘काल्पनिक’ लगता है तो समस्या देखने वाले की सोच में है। साथ ही बताया गया कि क्षेत्र का विकास बजट हालिया दिनों में पाकिस्तान द्वारा International Monetary Fund से मांगी गई सहायता राशि से कहीं अधिक है।
लोकतंत्र पर पलटवार
पाकिस्तान की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए जाने पर भारत ने तीखा जवाब दिया। कहा गया कि जहां निर्वाचित सरकारें अपना कार्यकाल पूरा करने में संघर्ष करती हों, वहां से लोकतंत्र पर भाषण सुनना अटपटा है। हाल के चुनावों में भारी मतदान का हवाला देते हुए भारत ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के लोग हिंसा नहीं, स्थिरता और विकास चाहते हैं।
पहले घर संभालो
अपने बयान के अंत में भारत ने पाकिस्तान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के आरोप लगाए। साफ कहा गया कि बहुपक्षीय मंचों का इस्तेमाल घरेलू संकट छिपाने के लिए नहीं होना चाहिए। भारत का संदेश स्पष्ट जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया मजबूत हो रही है, आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और सामाजिक माहौल सामान्य हो रहा है। जिनेवा के मंच से दिया गया यह बयान दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तकरार का ताजा अध्याय बन गया है।
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