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UP के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का बदलेगा तरीका, शुरू होंगी नई गतिविधियां; इतिहास से जोड़ने की तैयारी

UP Education System : आगरा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को अधिक रोचक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की जा रही है। अब विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें अनुभव आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए कई नई गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाना, सामाजिक समझ विकसित करना और उन्हें भविष्य के करियर के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए रीडिंग मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत विकसित हो सके।

कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को म्यूजियम विजिट, मैप मेकिंग और भूगोल से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से विषयों को व्यवहारिक तरीके से समझाया जाएगा। कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिससे वे इतिहास को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।

UP Education System

स्कूलों में छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए नियमित नशामुक्ति काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों और काउंसलरों की मदद से विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को भी बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

विद्यांजलि कार्यक्रम से जुड़ेंगे विशेषज्ञ

सरकारी स्कूलों को समाज से जोड़ने के लिए विद्यांजलि कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया जाएगा। इस पहल के तहत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, स्वयंसेवी और सेवानिवृत्त शिक्षक स्कूलों में आकर विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे बच्चों को किताबों की पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक जीवन, करियर और विभिन्न क्षेत्रों की व्यावहारिक जानकारी भी मिल सकेगी।

चुनौती से निपटने की तैयारी

जिले के सरकारी स्कूलों के सामने विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई परिषदीय विद्यालयों में अपेक्षित संख्या में नए प्रवेश नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि स्कूलों में पढ़ाई के साथ रीडिंग मेला, शैक्षणिक भ्रमण, खेलकूद, सामाजिक गतिविधियां और अनुभव आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाए, तो अभिभावकों और विद्यार्थियों का भरोसा सरकारी विद्यालयों की ओर बढ़ेगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ सरकारी स्कूलों में नामांकन में भी सकारात्मक वृद्धि की उम्मीद है।

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