Supreme Court : अभिनेता से नेता बने विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। फिल्म के मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले से निराश होकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि वे इस मामले पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं और मेकर्स को हाईकोर्ट में ही न्याय लेने के लिए कहा।
सुप्रीम कोर्ट में मेकर्स की ओर से एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी और पूरे भारत में 5000 थियेटर्स में प्रदर्शन के लिए तैयार थी। उन्होंने कहा कि CBFC ने 10 कट लगाने के बाद सर्टिफिकेट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन मंजूरी में देरी और हाईकोर्ट के आदेश ने रिलीज रोक दी।
Supreme Court का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है और सुनवाई की तारीख 20 जनवरी तय की गई है, तो उन्हें शीर्ष अदालत में चुनौती नहीं देनी चाहिए थी। कोर्ट ने फिल्म के मेकर्स को हाईकोर्ट के पास लौटने और सुनवाई का इंतजार करने का निर्देश दिया। जन नायकन 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी। इस फिल्म को 18 दिसंबर 2025 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सामने पेश किया गया था। बोर्ड ने फिल्म के कई सीन पर आपत्ति जताते हुए 27 कट लगाने का सुझाव दिया। इसके बाद मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां 9 जनवरी को हाईकोर्ट की एकल बेंच ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया।
अगली सुनवाई की तारीख
CBFC ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी, जिसके कारण रिलीज रोक दी गई। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में होगी। मेकर्स को अब इसी सुनवाई का इंतजार करना होगा। यह फिल्म अभिनेता से नेता बने विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। विजय ने पिछले साल तमिलग वेत्री कझगम (TVK) नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी की नींव रखी थी। फिल्म में उनके राजनीतिक और सामाजिक संदेश को लेकर चर्चा रही है, इसलिए इसे लेकर कानूनी झंझट भी काफी सुर्खियों में रहा।
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