SRH Vs RR : जब करियर खत्म होने की कगार पर हो, तब वापसी करना आसान नहीं होता। 24 साल के युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे (Praful Hinge) ने यही कर दिखाया है। पीठ की गंभीर चोट से जूझने के बाद उन्होंने आईपीएल में ऐसा डेब्यू किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनका यह सफर संघर्ष, मेहनत और सही मार्गदर्शन की मिसाल बन गया है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज Glenn McGrath ने हिंगे की प्रतिभा को पहचाना और मुश्किल वक्त में उनका हौसला बढ़ाया।
चोट से वापसी के बाद उनकी गेंदबाजी से प्रभावित होकर मैक्ग्रा ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया बुलाया। यह मौका हिंगे के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां उन्होंने अपनी स्किल्स को और निखारा।
SRH ने RR को 57 रन से दी मात
हिंगे के मुश्किल समय में भारत के पूर्व तेज गेंदबाज Varun Aaron ने अहम भूमिका निभाई। जब स्ट्रेस फ्रैक्चर के बाद उनका करियर डगमगा रहा था, तब एरोन ने उन्हें संभाला। परिवार के अनुसार, उन्होंने न सिर्फ तकनीकी मदद दी बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया। ब्रिस्बेन में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नेशनल सेंटर पर हिंगे ने करीब तीन हफ्ते तक ट्रेनिंग ली। इस दौरान उनकी गेंदबाजी में काफी सुधार हुआ। उनकी लाइन-लेंथ और फिटनेस पर खास काम किया गया। इस ट्रेनिंग का पूरा खर्च एमआरएफ पेस फाउंडेशन ने उठाया, जिससे उन्हें बिना किसी दबाव के सीखने का मौका मिला।
नागपुर से IPL तक का सफर
महाराष्ट्र के नागपुर से आने वाले हिंगे एक साधारण परिवार से हैं। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का शौक था और गली क्रिकेट से उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की। परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया और अकादमी में दाखिला दिलाया। उनकी मेहनत और जिद ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। आईपीएल में अपने पहले ही मैच में हिंगे ने सबको चौंका दिया। Rajasthan Royals के खिलाफ उन्होंने पहले ओवर में ही तीन विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। उनकी सटीक लाइन-लेंथ के आगे बल्लेबाज टिक नहीं सके और टीम को शुरुआती झटके लग गए।
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Praful Hinge becomes the first bowler in #TATAIPL to pick 3⃣ wickets in the opening over 🫡 #TATAIPL | #KhelBindaas | #SRHvRR | @SunRisers pic.twitter.com/uGv2ggCaXm
— IndianPremierLeague (@IPL) April 13, 2026
पहले ओवर में 3 विकेट
हिंगे ने अपने पहले ओवर की दूसरी, चौथी और छठी गेंद पर विकेट झटके। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुहान ड्रे प्रिटोरियस जैसे बल्लेबाजों को आउट किया। इसके बाद दूसरे ओवर में उन्होंने कप्तान Riyan Parag का विकेट भी लिया। इस प्रदर्शन के साथ वे आईपीएल इतिहास में पहले ओवर में तीन विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए। हिंगे के कोच रंजीत पराडकर का कहना है कि उनके अंदर हमेशा से प्रतिभा थी, लेकिन सही दिशा की जरूरत थी। चोट के बाद उनकी गेंदबाजी में तकनीकी बदलाव किए गए, जिससे वह और ज्यादा खतरनाक बन गए।
प्रफुल हिंगे की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की सफलता नहीं, बल्कि हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों से जूझ रहा है। उन्होंने साबित किया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
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