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SCG पर भावुक विदाई, उस्मान ख्वाजा ने कहा अलविदा; गार्ड ऑफ ऑनर के साथ खत्म हुआ सुनहरा करियर

SCG Usman Khawaja

SCG Usman Khawaja : ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के भरोसेमंद ओपनर उस्मान ख्वाजा के लिए सिडनी क्रिकेट ग्राउंड का यह टेस्ट मैच हमेशा के लिए यादों में दर्ज हो गया। एशेज सीरीज के इस आखिरी मुकाबले में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। पांचवें दिन जैसे ही स्टीव स्मिथ का विकेट गिरा और ख्वाजा बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरे, पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।

ख्वाजा के मैदान पर कदम रखते ही इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और साथी खिलाड़ी मार्नस लाबुशेन से हाथ मिलाया। स्टैंड्स में बैठे दर्शक लगातार उनका नाम पुकार रहे थे।

SCG पर भावुक विदाई

हालांकि, यह विदाई पारी आंकड़ों के लिहाज से बड़ी नहीं रही। उस्मान ख्वाजा अपने आखिरी टेस्ट में सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन स्कोरबोर्ड से ज्यादा अहम वह भावना थी, जो उस समय मैदान पर मौजूद हर शख्स महसूस कर रहा था। रन भले कम बने हों, लेकिन उनका योगदान और सफर इन कुछ गेंदों से कहीं बड़ा रहा। मैच खत्म होने के बाद ख्वाजा ने दिल खोलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास था और यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने लंबा सफर तय किया है। उन्होंने बताया कि सुबह अपनी पत्नी रशेल से बात करते वक्त उन्होंने सिर्फ एक ही बात सोची थी कि वह इस पल का आनंद लेंगे। उनका सपना था कि एशेज सीरीज का अंत जीत के साथ हो और टीम ने वही कर दिखाया।

भावनाओं पर काबू पाना मुश्किल

ख्वाजा ने स्वीकार किया कि पूरे टेस्ट मैच के दौरान भावनाओं पर नियंत्रण रखना उनके लिए बेहद कठिन रहा। उन्होंने कहा कि वह हमेशा खुद को शांत और नियंत्रित रखने के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार ध्यान बनाए रखना आसान नहीं था। पहली पारी से लेकर आखिरी दिन तक, उन्हें बार-बार खुद को संभालना पड़ा। उनके लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि पूरे करियर का समापन था। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वह विजयी रन नहीं लगा सके, लेकिन टीम की जीत उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर करियर खत्म करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने अपने साथियों, सपोर्ट स्टाफ और फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्हें जो कुछ भी क्रिकेट से मिला, उसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

सोच की शेयर

ख्वाजा ने जीवन को लेकर अपनी सोच भी शेयर की। उन्होंने कहा कि अक्सर इंसान और ज्यादा पाने की चाह में आभार जताना भूल जाता है। उनके मुताबिक, क्रिकेट से बाहर की जिंदगी सबसे अहम है। अपने माता-पिता, पत्नी, बच्चों और आने वाले नए मेहमान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानते हैं। 88 टेस्ट मैचों और दुनिया भर में बनाए गए रनों के साथ, उन्होंने मुस्कान और संतोष के साथ अपने शब्दों को विराम दिया।

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज 4-1 से अपने नाम की। ख्वाजा ने इस सीरीज की शुरुआत ओपनर के तौर पर की थी, लेकिन बाद में टीम संयोजन के चलते उन्हें मिडिल ऑर्डर में उतरना पड़ा। चार मैचों की सात पारियों में उन्होंने 176 रन बनाए।

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