Raymond Group : Vijaypat Singhania का 87 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। उनके परिवार ने शनिवार को यह जानकारी दी। पद्म भूषण से सम्मानित सिंघानिया के निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर है। उन्हें देश के बड़े उद्योगपतियों में गिना जाता था। सिंघानिया परिवार ने देश के दो बड़े बिजनेस समूह खड़े किए, जिनमें Raymond Group और JK Organisation शामिल हैं। इन दोनों ग्रुप्स ने भारत के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई और कई सेक्टर में अपनी पहचान बनाई।
रेमंड ग्रुप की शुरुआत 1925 में अल्बर्ट रेमंड ने की थी। बाद में 1944 में सिंघानिया परिवार ने इसे खरीद लिया। इसके बाद कंपनी ने तेजी से विकास किया और देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई। आज यह टेक्सटाइल सेक्टर का बड़ा नाम है।
Raymond Group
विजयपत सिंघानिया ने 1980 से 2000 तक रेमंड ग्रुप की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में कंपनी ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं। बाद में उन्होंने अपने बेटे गौतम सिंघानिया को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। उनके कार्यकाल में रेमंड ग्लोबल ब्रांड के रूप में उभरा। जेके ग्रुप की शुरुआत 1918 में हुई थी। ‘JK’ नाम लाला जुग्गीलाल और कमलापत सिंघानिया के नाम के शुरुआती अक्षरों से लिया गया। शुरुआती दौर में कारोबार कपास और कपड़ा उद्योग से जुड़ा था, जिसे धीरे-धीरे कई क्षेत्रों में फैलाया गया।
आजादी से पहले ही खड़ा किया बड़ा साम्राज्य
सिंघानिया परिवार ने आजादी से पहले ही कई कंपनियां शुरू कर दी थीं। 1921 से 1934 के बीच टेक्सटाइल, ऑयल, जूट और स्टील जैसे क्षेत्रों में कंपनियां स्थापित की गईं। इन कदमों ने ग्रुप को देश के बड़े औद्योगिक घरानों में शामिल कर दिया। आज जेके ग्रुप का कारोबार भारत के अलावा कई देशों में फैला है। मेक्सिको, इंडोनेशिया, रोमानिया, बेल्जियम, पुर्तगाल, यूएई और स्विट्जरलैंड में इसके मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन हैं। ग्रुप का टर्नओवर करीब 6 बिलियन डॉलर बताया जाता है।
रेमंड ग्रुप आज वर्स्टेड सूटिंग में ग्लोबल लीडर माना जाता है। इसके कारोबार में कपड़े, डेनिम, रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और एफएमसीजी शामिल हैं। देश के 600 से ज्यादा शहरों में इसके 1600 से अधिक स्टोर मौजूद हैं, जो इसकी मजबूत पकड़ को दिखाते हैं।
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