Varanasi News : देशभर की ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में वाराणसी में गुरुवार से दो दिवसीय पंच सम्मेलन की शुरुआत हुई। ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना, सुशासन को बढ़ावा देना और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करना है। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के सैकड़ों ग्राम प्रधान शामिल हुए हैं।
उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की है, जबकि बिहार, झारखंड और उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि पहुंचे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण प्रक्रिया से हुई, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी और संवाद सत्रों में शामिल कराया गया।
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कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने पंचायतों की भूमिका, सुशासन और ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन के दौरान विकसित ग्राम पंचायत योजना, पंचायतों की संस्थागत मजबूती और वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
#Live: वाराणसी में वीबी- जीरामजी पर आयोजित पंच सम्मेलन में संबोधन… https://t.co/gV2YaOKtrK
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) July 16, 2026
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञ ग्राम प्रधानों को प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने, योजनाओं के बेहतर संचालन और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने के उपाय बता रहे हैं। साथ ही पंचायत स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली अपनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
सीखेंगे बेहतर मॉडल
दोपहर के सत्र में विभिन्न राज्यों के ग्राम प्रधान अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचार, सफल प्रयोग और विकास कार्यों के अनुभव साझा करेंगे। इससे पंचायत प्रतिनिधियों को एक-दूसरे के सफल मॉडलों को समझने और अपने क्षेत्रों में लागू करने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) भी ग्राम प्रधानों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रहा है। सम्मेलन में ग्रामीण विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, जीआईजेड (GIZ) और प्रदान (PRADAN) जैसी संस्थाओं की ओर से पंचायत विकास, ग्रामीण आजीविका, पारदर्शिता और सुशासन पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त, उत्तरदायी और आधुनिक बनाना है, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। साथ ही राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान से पंचायतों की कार्यप्रणाली में नए और बेहतर मॉडल विकसित करने में भी मदद मिलेगी।





