New Zealand Cricket : न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वाटलिंग को नया बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। वह ल्यूक रोंची की जगह लेंगे, जो लंबे समय से न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि वॉटलिंग उसी टीम का हिस्सा थे, जिसने साल 2021 में भारत को हराकर पहली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था। अब वह मैदान पर बल्लेबाजी करने के बजाय खिलाड़ियों को बल्लेबाजी के गुर सिखाते नजर आएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वॉटलिंग 16 नवंबर से राष्ट्रीय टीम के साथ काम शुरू करेंगे।
शुरुआती दिनों में वह मौजूदा बैटिंग कोच ल्यूक रोंची के साथ मिलकर खिलाड़ियों को तैयार करेंगे। दिसंबर में भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज समाप्त होने के बाद रोंची अपनी जिम्मेदारी छोड़ देंगे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे से वॉटलिंग पूरी तरह बल्लेबाजी कोच की भूमिका संभालेंगे।
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बीजे वॉटलिंग का नाम न्यूजीलैंड के सफल विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल है। उन्होंने साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। अपने करियर में वह न्यूजीलैंड के लिए 75 टेस्ट, 28 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 3790 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 37.52 रहा। वह न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज भी हैं। वॉटलिंग ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला भारत के खिलाफ खेला था।
जून 2021 में साउथैम्प्टन में हुए पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में वह न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को आठ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही वॉटलिंग ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा था।
वॉटलिंग का मजबूत रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा घरेलू स्तर पर भी वॉटलिंग का रिकॉर्ड मजबूत रहा है। उन्होंने 178 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए, जिनमें 18 शतक शामिल हैं। लंबे समय तक विकेटकीपिंग करने के साथ मध्यक्रम में बल्लेबाजी का उनका अनुभव अब न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के काम आ सकता है। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉटलिंग ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने वेलिंगटन फायरबर्ड्स और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स जैसी घरेलू टीमों के साथ काम किया। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के कोचिंग स्टाफ में रहते हुए उन्होंने टीम को घरेलू प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाने में योगदान दिया। इस दौरान टीम ने 2024-25 का प्लंकेट शील्ड और 2025-26 का सुपर स्मैश खिताब अपने नाम किया।
वॉटलिंग ने जताई खुशी
नई जिम्मेदारी मिलने पर वॉटलिंग ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ दोबारा जुड़ना उनके लिए खास अवसर है। पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह उससे काफी प्रभावित हैं। अब वह अपने अनुभव के जरिए टीम को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहते हैं। न्यूजीलैंड के टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने भी वॉटलिंग की नियुक्ति का स्वागत किया है। लैथम के मुताबिक, वॉटलिंग टीम के माहौल और काम करने के तरीके को अच्छी तरह समझते हैं। खिलाड़ी के तौर पर उनकी पहचान मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य और मेहनत के साथ बल्लेबाजी करने वाले क्रिकेटर की रही है। लैथम को उम्मीद है कि यही अनुभव कोचिंग के दौरान भी टीम के काम आएगा।
कोचिंग जिम्मेदारियों पर ध्यान
वहीं, ल्यूक रोंची करीब 6 साल तक न्यूजीलैंड टीम के बल्लेबाजी कोच रहने के बाद पद छोड़ने वाले हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने जुलाई में उनके फैसले की जानकारी दी थी। रोंची अब फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी कोचिंग जिम्मेदारियों पर ध्यान देंगे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में मेलबर्न रेनेगेड्स का मुख्य कोच बनाया गया है। इससे पहले वह पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ भी काम कर चुके हैं। न्यूजीलैंड को दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है।
ऐसे में वॉटलिंग के लिए नई भूमिका में यह महत्वपूर्ण चुनौती होगी। घरेलू क्रिकेट में कोचिंग का अनुभव हासिल करने के बाद अब उनके सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्लेबाजों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी रहेगी।
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