MCU Lokpal Controversy : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर सवाल उठे हैं। NSUI से जुड़े तनय शर्मा ने अब इस मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC में शिकायत की है। शर्मा का दावा है कि विश्वविद्यालय के तत्कालीन लोकपाल ने जून 2025 में इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद नए लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई। हालांकि, विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर वर्तमान में ‘लोकपाल’ का लिंक मौजूद है। विश्वविद्यालय की ओर से इस शिकायत पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं मिली है।
तनय शर्मा के मुताबिक उन्हें विश्वविद्यालय से आरटीआई के तहत मिली जानकारी में बताया गया कि तत्कालीन लोकपाल और सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश सुनरया ने जून 2025 में कुलगुरु को अपना इस्तीफा भेज दिया था।
MCU Lokpal Controversy
शर्मा ने इसी जानकारी के आधार पर सवाल उठाया है कि सितंबर 2026 तक इस पद पर नई नियुक्ति क्यों नहीं हुई। आरटीआई में बताई गई नियुक्ति और इस्तीफे की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी है। UGC ने अप्रैल 2023 में ‘छात्रों की शिकायतों का निवारण विनियम 2023’ अधिसूचित किया था। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र शिकायत निवारण समिति के साथ लोकपाल की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। छात्र शिकायत निवारण समिति के फैसले से असंतुष्ट विद्यार्थी लोकपाल के समक्ष अपील कर सकते हैं।
स्थिति जांचने की मांग
शर्मा ने UGC से MCU में लोकपाल की मौजूदा स्थिति की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए शिकायतों के निवारण की प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध रहनी चाहिए। UGC के नियमों में लोकपाल की नियुक्ति का प्रावधान होने के कारण उन्होंने आयोग से इस मामले में स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है। तनय शर्मा हाल ही में इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान भी चर्चा में आए थे। कार्यक्रम में उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सामने MCU में अपने प्रवेश से जुड़े मामले को उठाया था और विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल किए थे। कार्यक्रम में तनय के मंच पर पहुंचने और राहुल गांधी से बातचीत की पुष्टि मीडिया रिपोर्ट्स में भी हुई है।
छिड़ी थी बहस
कार्यक्रम के बाद तनय शर्मा के NSUI से जुड़े होने को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया था। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम में मंच पर पहुंचे कुछ लोग कांग्रेस या उससे जुड़े संगठनों से संबंधित थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तनय ने अपने NSUI से जुड़े होने की बात स्वीकार करते हुए कहा था कि उनकी राजनीतिक पहचान के बजाय उनके उठाए सवालों पर चर्चा होनी चाहिए। तनय शर्मा का कहना है कि उनका मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी आपत्ति एक विद्यार्थी के रूप में शिक्षा, पारदर्शिता और अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर है। उनके मुताबिक यदि उनके द्वारा उठाए गए सवाल गलत हैं तो विश्वविद्यालय को उनका जवाब देना चाहिए और चर्चा उनकी राजनीतिक पहचान के बजाय मुद्दों पर होनी चाहिए।
जवाब पर नजर
लोकपाल की नियुक्ति को लेकर शिकायत UGC तक पहुंचने के बाद अब विश्वविद्यालय के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है। MCU की वेबसाइट पर लोकपाल से संबंधित अलग सेक्शन मौजूद है, जबकि UGC के 2023 के नियम छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था में लोकपाल की भूमिका तय करते हैं। ऐसे में शिकायत पर आयोग या विश्वविद्यालय की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया से नियुक्ति की मौजूदा स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





