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Jharkhand में बड़ा विमान हादसा, समुद्र में उतरा हेलीकॉप्टर; सभी यात्री सुरक्षित

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Jharkhand : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। मायाबंदर के समीप समुद्र में पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर तकनीकी गड़बड़ी के कारण क्रैश-लैंडिंग करने को मजबूर हो गया। घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे, जिसमें दो क्रू मेंबर और पांच यात्री। राहत की बात यह रही कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) से सुबह करीब 8:45 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान सामान्य थी, लेकिन मायाबंदर के पास पहुंचते ही तकनीकी समस्या सामने आई।

Jharkhand में बड़ा विमान हादसा

शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इंजन या नियंत्रण प्रणाली में गड़बड़ी हुई, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए समुद्र में नियंत्रित लैंडिंग का फैसला लिया। इस त्वरित निर्णय से बड़ी त्रासदी टल गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए। समुद्र के बीच से सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकालकर पास के अस्पताल में प्राथमिक जांच के लिए भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है और एहतियातन मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। ब्लैक बॉक्स और तकनीकी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही दुर्घटना की असली वजह सामने आएगी। पवन हंस प्रबंधन ने भी कहा है कि सुरक्षा मानकों के तहत सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एक दिन पहले झारखंड के चतरा जिले में एक एयर एम्बुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरने के करीब 20-25 मिनट बाद विमान का संपर्क टूट गया था और वह सिमरिया क्षेत्र के जंगल में गिरा मिला। उस हादसे में सातों लोगों की जान चली गई थी।

लगातार हादसों से उठे सवाल

दो दिनों के भीतर हुई इन घटनाओं ने विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, अंडमान में पायलट की सतर्कता से सभी की जान बच गई, लेकिन झारखंड की घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इन हादसों की असली वजह उजागर करेगी।

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