IRCTC Scam Case : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला टाल दिया है। इस केस में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने थे, लेकिन अदालत ने फिलहाल अपना निर्णय सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख तय कर दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि इस मामले में आरोप तय करने को लेकर फैसला अब 6 मई को सुनाया जा सकता है।
इससे पहले भी इस केस की सुनवाई कई बार टल चुकी है, जिस वजह से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अदालत के इस फैसले के बाद अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है।
IRCTC घोटाला केस
यह मामला आईआरसीटीसी से जुड़े कथित घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि रेलवे के होटल आवंटन में गड़बड़ी कर निजी फायदे लिए गए और बाद में उस पैसे को अलग-अलग तरीकों से घुमाया गया। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियों ने की है। इस केस में लालू यादव और तेजस्वी यादव के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों और कुछ कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूरे मामले में वित्तीय अनियमितताओं के जरिए फायदा उठाया गया। हालांकि, सभी आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया है।
कानूनी प्रक्रिया में देरी क्यों
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में दस्तावेजों की जांच, गवाहों के बयान और कानूनी दलीलों के कारण प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है। यही वजह है कि आरोप तय करने जैसे शुरुआती चरण में भी बार-बार सुनवाई टलती रहती है। अब इस केस में अगला बड़ा कदम 6 मई को देखने को मिलेगा, जब अदालत यह तय करेगी कि आरोप तय किए जाएं या नहीं। अगर आरोप तय होते हैं, तो इसके बाद मुकदमे की सुनवाई औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। फिलहाल, इस फैसले ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
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