UP Panchayat Election 2026 : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। दावे-आपत्तियों के निस्तारण और विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार की गई इस सूची में प्रदेशभर के करोड़ों मतदाताओं को शामिल किया गया है। हालांकि सूची जारी होने के तुरंत बाद कई जिलों में तकनीकी कारणों से इसे डाउनलोड करने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बार आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। पंचायत क्षेत्र के प्रत्येक मतदाता को 9 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया गया है। माना जा रहा है कि इससे भविष्य में रिकॉर्ड प्रबंधन और सत्यापन प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा आसान होगी।
UP Panchayat Election 2026
अंतिम सूची के अनुसार, अब प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए कुल 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता मतदान के पात्र होंगे। पिछली सूची की तुलना में करीब 29 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं। पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नए नाम शामिल किए गए, जबकि डुप्लीकेट रिकॉर्ड, मृत्यु, पता परिवर्तन और अन्य कारणों से लाखों नाम सूची से हटाए भी गए। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान 2 करोड़ 32 लाख 24 हजार 805 नए नाम सूची में शामिल किए गए।
एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने, स्थायी पता बदलने, मृत्यु या अन्य कारणों से 2 करोड़ 3 लाख 23 हजार 287 नाम हटाए गए। दावे और आपत्तियों के अंतिम निस्तारण के बाद भी लाखों नाम सूची से कम हुए, जिसके बाद फाइनल आंकड़े जारी किए गए।
काम करेंगे प्रधान
प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है, लेकिन समय पर चुनाव नहीं होने के कारण सरकार ने मौजूदा प्रधानों को अगले छह महीने तक प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी संभालने की अनुमति दी है। इससे पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। सरकार ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर विशेष आयोग का गठन किया है। आयोग को विभिन्न जिलों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार को सौंपनी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण संबंधी आगे की प्रक्रिया तय होगी।
हाईकोर्ट की नजर
पंचायत चुनाव जल्द कराने की मांग को लेकर मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। अदालत ने इस विषय पर सख्त रुख अपनाते हुए आयोग से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। ऐसे में आने वाले समय में चुनाव कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं। प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं, इसलिए पंचायत चुनाव के समय को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक दलों का मानना है कि पंचायत चुनाव स्थानीय स्तर पर गुटबाजी बढ़ा सकते हैं और इसका असर बड़े चुनावों की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव एक साथ होने हैं, इसलिए सभी दल फिलहाल स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
Read More : UP में प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में तेज आंधी-बारिश; IMD का 75 जिलों के लिए अलर्ट





