Donald Trump : पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान को अब 17 दिन हो चुके हैं, लेकिन संघर्ष का स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन के कुछ सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति Donald Trump जल्द ही इस अभियान को लेकर “सफलता” का दावा कर सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा पूरी तरह ईरान की अगली रणनीति पर निर्भर करेगी। अगर ईरान अपनी सैन्य प्रतिक्रिया जारी रखता है या समुद्री मार्गों पर हमले नहीं रोकता, तो यह संघर्ष लंबे समय तक खिंच सकता है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि इस संघर्ष में ईरान की नौसैनिक क्षमता को भारी क्षति पहुंची है। बताया जा रहा है कि उसकी कई मिसाइल क्षमताएं कमजोर हो चुकी हैं और कुछ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं।
Donald Trump कर सकते हैं जीत का एलान
इसके बावजूद, क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे। रणनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी युद्ध का परिणाम केवल सैन्य नुकसान से तय नहीं होता, बल्कि राजनीतिक और भू-राजनीतिक समीकरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस संघर्ष के पीछे केवल सैन्य लक्ष्य ही नहीं, बल्कि राजनीतिक उद्देश्य भी जुड़े हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump कई बार सार्वजनिक मंचों पर ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक वहां की राजनीतिक व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा ईरान द्वारा Strait of Hormuz के जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति पर प्रभाव डालना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
अमेरिका के भीतर भी बढ़ रहा दबाव
इस युद्ध का असर अब अमेरिकी घरेलू राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। तेल की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे परिवहन और कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। खाद और ईंधन महंगे होने से किसानों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। साथ ही इस संघर्ष में अब तक कई सैनिकों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं, जिसने सरकार के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ सकती हैं मुश्किलें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना सकते हैं। सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने भी युद्ध को लंबा खींचने की बजाय आर्थिक मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी है। ऐसे में यदि संघर्ष जल्द खत्म नहीं हुआ तो यह मुद्दा चुनावी राजनीति में भी बड़ा विषय बन सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान अगला कदम क्या उठाता है और अमेरिका इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है।




